M.S WORD ALL MENU IN HINDI

MS Word क्‍या है। MS Word की पूरी जानकारी।

हम यहाँ MS Word के बारे में पूरी जानकारी दे रहे है, जिससे आप एम.एस. वर्ड के पूरे इंटरफेस को समझ पाएंगे एवं साथ ही इसकी संपूर्ण जानकारी प्राप्‍त कर पाएंगे।

दोस्‍तों आजकल हर प्रकार के कार्यो के लिए साफ्टवेयर उपलब्‍ध है। इन्‍हीं में से एक है “Microsoft Office” 

इस साफ्टवेयर में अलग-अलग कार्यो के लिए अलग-अलग एप्लिकेशन जैसे टाईपिंग एवं एडिटिंग कार्य के लिए MS Word, लिस्‍ट एवं केलकुलेशन कार्य के लिए MS Excel, प्रंजेंटेशन कार्य के लिए MS PowerPoint आदि।

MS Word क्‍या है।

एम.एस. वर्ड एक प्रकार का डिजीटल डाक्यूमेंट है, जो एम.एस. ऑफिस के अंतर्गत एक वर्ड प्रोसेसिंग एप्लिीकशन हैा जिसके माध्यम से हम डिजीटल रूप में अपने नोट्स अपनी भाषा में टाईप करके सुरक्षित रख सकते है। 

इसमें आप नोट्स को कई प्रकार से डिजाईन भी कर सकते है, नोट्स में फोटो, विडियों, पाई-चार्ट, टेबल आदि कई प्रकार की सुविधाओं का उपयोग कर सकते है।

MS Word का उपयोग कहा किया जाता है।

सामान्यतः एम.एस. वर्ड का उपयोग आफलाईन टाईपिंग कार्य हेतु किया जाता है। जिसमें आप विभिन्न प्रकार के कार्य जैसे नोट्स, रिज्यूम, लिस्ट, ग्राफिक डिजाईन, कवर पेज डिजाईन, वेब पेज डिजाईन आदि आसानी से तैयार कर सकते है।

एम.एस. वर्ड की भाषा:-

इसमें आप अपनी आवश्यकतानुसार किसी भी भाषा का उपयोग कर सकते है।

इसमें पहले से ही अंग्रेजी भाषा आती है। आप अपनी आवश्यकतानुसार भाषा हेतु उस भाषा के फांट डाउनलोड करके अपने कम्प्यूटर/लेपटाप में इंस्टाल करके उपयोग कर सकते है।

इसके अलावा एम.एस. वर्ड के इंटरफेस/विंडो में दिखाई देने वाले विकल्‍प जैसे फाईल मेन्‍यू, होम मेन्‍यू, आदि भी अंग्रेजी में ही दिखाई देते है, जिन्‍हें भी आप अपनी आवश्‍यकतानुसार भाषा में बदल सकते है।

एम.एस. वर्ड कैसे सींखे:-

यहां आपको एम.एस. वर्ड से संबंधित सारी जानकारी विस्तार से हिन्दी भाषा में प्रदान की गई है।

साथ ही कार्य कैसे किया जाना है, उनकी स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया दी गई है।

आपको प्रक्रिया आसानी से समझ में आए इसके लिए इस लेख में आवश्यकतानुसार फोटो को भी सम्मिलित किया गया है।

एम. एस. वर्ड की रूपरेखा (Interface):-

आप जब एम.एस. वर्ड को ओपन करते है, तो आपके सामने एक नई विंडो ओपन होगी, जिसे एम.एस. वर्ड का इंटरफेस कहते है। इस विंडो में आपको कार्य करने हेतु विभिन्‍न विकल्‍प एवं टूल दिखाई देते है, जिनके बारे में नीचे दिया गया है-

ms word
1. टाईटल बार (Title Bar):-

एम.एस. वर्ड इंटरफेस की सबसे ऊपरी लाईन को टाईटल बार कहते है, जो सामान्‍यत: गहरे नीले रंग की होती है। इसे टाईटल बार कहने का कारण यह है कि इसमें आप जिस फाईल में कार्य कर रहे है, उसका नाम अर्थात टाईटल दिखाई देता है। इसके अलावा इसमें निम्‍न विकल्‍प होते है:-

a. Quick Access Toolbar

टाईटल बार के बांयी तरफ एक टूल बार होती है, जिसमें आप कार्य करते समय आवश्‍यक कार्य के लिए शॉटकर्ट बटन का उपयोग कर सकते है। इसमें निम्‍न टूल होते है-

    1. Auto Save:- इस बटन को ऑन करने पर आपकी फाईल अपने आप आपके द्वारा सेट किए गए बेकअप लोकेशन पर सेव हो जाती है।
    2. Save:- इस बटन के द्वारा आप अपनी फाईल को सेव कर सकते है अथवा सेव फाईल में किए गए बदलावों को संरक्षित कर सकते है
    3. Undo:- इस विकल्‍प के द्वारा आप किए गए बदलाव को हटा सकते हैा
    4. Redo:- इस विकल्‍प के द्वारा आप हटाए हुए बदलाव को वापिस कर सकते है।
    5. एरो बटन:- यह एक छोटा सा ऐरो बटन होता है, जिसे क्लिक करने पर एक लिस्‍ट खुलती है, जिसके द्वारा आप इस ‘’क्‍वीक एक्‍सेस बार’’ में लिस्‍ट में दिए गए टूल में से कोई भी टूल एड कर सकते है, अथवा हटा सकते हैा

b. Title Bar:-

इस बार में आपकी खुली हुई वर्ड फाईल का नाम/टाईटल दिखाई देता है।

c. Search Bar:-

यह एक बहुत ही महत्‍वपूर्ण बार है। आप इस बार में किसी भी टूल अथवा विकल्‍प का नाम टाईप करके उसका उपयोग कर सकते है। आपको किसी भी विकल्‍प को किसी भी मेन्‍यू में ढूंढने की आवश्‍यकता नहीं होती है। इसमें सर्च करने पर टाईप किया गया विकल्‍प/टूल अपने आप ओपन हो जात है।

d. Accont Name:-

एम.एस. वर्ड/एम.एस. ऑफिस में आपने जिस नाम से लॉगिन किया है, वह नाम इस बार में दिखाई देगा।

e. Window Program Controler Bar:-

इस बार में वर्ड फाईल को बंद करने आदि प्रकार के विकल्‍प होते है:-

    1. Display Ribbon Option:- इस विकल्‍प पर क्लिक करके आप मून्‍यू बार के टेब के कमांड/टूलबार (Ribbon) को शो तथा हाइड कर सकते है।
    2. Minimize Button:- इस विकल्‍प के द्वारा आप वर्ड फाईल को मिनिमाइज कर सकते है। इस विकल्‍प के द्वारा मिनिमाईज करने पर आपकी फाईल नीचे टास्‍क बार पर आईकन के रूप में दिखाई देती है, जिस पर क्लिक करने पर आप फाईल को पुन: री-स्‍टोर कर सकते है।
    3. Restore Down/Maximize:- इस विकल्‍प पर क्लिक करके आप वर्ड फाईल की विंडो को छोटा कर सकते है। इस विकल्‍प पर क्लिक करने पर छोटी हुई विंडो में इस विकल्‍प के स्‍थान पर Maximize बटन दिखाई देता है, जिसे क्लिक करने पर विंडो फिरसे अपने बडे आकार में आ जाती है।
    4. Close:- इस विकल्‍प पर क्लिक करने पर वर्ड फाईल क्‍लोज/बंद हो जाती है।

2. Menu Bar (मेन्‍यू बार):-

इस विकल्‍प में वर्ड फाईल में कार्य करने हेतु विभिन्‍न टेब जैसे File, Home, Insert, Design, Layout, References, Mailing, Review, View, Help होते है। जिन पर क्लिक करके उस टेब से संबंधित टूल/रिबन को ओपन किया जा सकता है।

3. Ribbon Bar (रिबन बार):-

मेन्‍यू बार में दिए गए टेब पर क्लिक करने पर उस टेब से संबंधित कमांड तथा टूलबार को ओपन किया जाता है। यह टूलबार एवं कमांड जिस बार में दिखाई देते है, उसे रिबन कहते है।

4. Work Area (वर्क एरिया):-

एम.एस. वर्ड फाईल में कार्य करने हेतु सफेद बेकग्राउंड में पेज दिखाई देता है, जिसे वर्क एरिया कहते है।

5. Ruler (रूलर):-

वर्ड फाईल में बांयी ओर तथा ऊपर की ओर नंबर स्‍केल दिखाई देता है, जिसे रूलर कहते है।

6. Scroll Bar (स्‍क्रॉल बार):-

वर्ड फाईल में दांयी तरफ फाईल के पेजों को ऊपर-नीचे करने के लिए स्‍क्रॉल बार होती है।

7. Status Bar (स्‍टेटस बार):-

वर्ड फाईल में वर्क एरिया के नीचे एक बार दिखाई देती है, जिसमें वर्ड काउंट, टाईप की जा रही भाषा का नाम, वर्ड फाईल के कुल पेजो का नंबर, तथा वर्क एरिया को जूम करने के लिए विकलप तथा पेजव्‍यू आदि ऑपशन दिखाई देते है, इसे स्‍टेटस बार कहते है।

8. Cursor (कर्सर):-

वर्क एरिया में जिस स्‍थान पर आप कार्य कर रहे है वहां एक लाईन ब्लिंक करती है, इसे कर्सर कहते है।

एम.एस. वर्ड में दिए गए विभिन्‍न मेन्‍यू के बारे में जानकारीयों के लिए नीचे क्लिक करें :-

M.S. Word में कार्य करने एवं विभिन्‍न प्रकार के टूल्‍स को उपयोग करने के लिए विभिन्‍न मेन्‍यू/टेब उपलब्‍ध है, जिनके बारे में विस्‍तार से जानकारी पाने के लिए नीचे दिए गए मेन्‍यू के विकल्‍पों पर क्लिक करें:-

MS Word File Menu की पूरी जानकारी।

इस मेन्यू में एम.एस. वर्ड फाईल पर कार्य करने हेतु विभिन्‍न विकल्‍प जैसे Save, Print, Share, Export, word templates मिलते है। जैसे ही आप MS Word File Menu पर क्लिक करेंगे तो आपको निम्न विकल्प दिखाई देंगे।

New, Open, Info, Save, Save As, Print, Share, Export, Close

इन विकल्पों के बारे में विस्तार से जानते है:-

1. New :-

इस विकल्प के द्वारा आप नई वर्ड फाईल बना सकते है। आप जैसे ही इस विकल्प पर क्लिक करेंगे आपको एक नई विंडो दिखाई देगी।

जिसमें आपको नई वर्ड फाईल बनाने के लिए कई प्रकार के विकल्प मिलेंगे जैसे – Blank Document, Templates

a. Blank Document :-

इस विकल्प पर क्लिक करके आप एक खाली वर्ड फाईल बना सकते है।

b. Templates :-

इस विकल्प के द्वारा आप कई प्रकार के पहले से बने हुए टेम्प्लेट वाली वर्ड फाईल बना सकते है जैसे – Letter, Cards etc.

यह विकल्‍प आपको Pte-Designed टेम्‍प्‍लेट उपलब्‍ध कराता है। इस विकल्‍प के द्वारा टेम्‍प्‍लेट उपयोग करने हेतु :-

प्रक्रिया :-

  1. सबसे पहले वर्ड फाईल को ओपन करें, तथा File Menu पर क्लिक करें।
  2. नई विंडो में New पर क्लिक करें।
  3. अब दिखाई दे रहे विकल्‍प में से आप अपनी आवश्‍यकतानुसार कोई भी टैम्‍प्‍लेट पर क्लिक करके उसका उपयोग कर सकते है साथ ही आप सर्च बॉक्‍स में सर्च भी कर सकते है।

2. Open :-

इस विकल्प के द्वारा आप अपने कम्प्यूटर/लेपटॉप में किसी भी लोकेशन पर सेव की हुई कोई भी वर्ड फाईल को खोल सकते है।

MS Word File Menu की Image:-

MS Word File Menu
3. Info (MS Word File Menu Important) :-

 इस विकल्प पर क्लिक करने पर आपको विभिन्न विकल्प दिखाई देंगे:-

a. Protect Document :-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड लगा सकते है, ताकि आपकी फाईल सुरक्षित रहे। इस विकल्प में आपको निम्न विकल्प मिलेंगे:-

a. Always Open Read-Only :-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी फाईल को Read-Only बना सकते है, ताकि फाईल में कोई बदलाव न किया जा सके।

b. Encrypt with Password :-

इसके द्वारा आप अपनी फाईल में पासवर्ड डाल सकते है।

c. Restrict Editing :-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में एडिटिंग को रेस्ट्रिक्ट कर सकते है।

d. Add a Digital Signature :-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में डिजीटल सिग्नेचर को जोड सकते है।

e. Mark as Final :-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी फाईल को फाईनल के रूप में मार्क कर सकते है।

b. Inspect Document :-

इस विकल्ल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में कोई त्रूटि हो तो उसका पता लगा सकते है।

c. Manage Document :-

यदि आपकी फाईल किसी कारण से करप्ट हो गई है अथवा किसी कारण से बिना सेव किए रह गई है, तो इस विकल्प के द्वारा फाईल रिकवर की जा सकती है।

d. Slow and Disabled COM Add-ins :-

यदि आपने अपनी फाईल में कोई एड-इन्स लगाए है, तो यह उनकी जानकारी प्रदान करता है।

4. Save :-

इसका प्रयोग वर्ड फाईल को सेव करने तथा वर्ड फाईल में किए गए बदलाव को सेव करने के लिए किया जाता है।

यदि आपने फाईल को सेव नहीं किया है तो इस विकल्प का उपयोग करने पर आपको एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स दिखाई देगाजिसमें फाईल हेतु नाम तथा फाईल फार्मेट  लोकेशन आदि की जानकारी भरकर ‘‘सेव‘‘ बटन पर क्लिक करें।

5. Save As :-

सामान्यतः इस विकल्प का उपयोग वर्तमान ओपन की गई फाईल की डुप्लीकेट कॉपी बनाने तथा सेव करने के लिए किया जाता है।

6. Print :-

इस विकल्प के माध्यम से आप अपनी वर्ड फाईल हेतु (‘‘Print Preview ‘‘) देख सकते है तथा (‘‘Print ‘‘)  भी कर सकते है।

4. Save :-

इसका प्रयोग वर्ड फाईल को सेव करने तथा वर्ड फाईल में किए गए बदलाव को सेव करने के लिए किया जाता है।

यदि आपने फाईल को सेव नहीं किया है तो इस विकल्प का उपयोग करने पर आपको एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स दिखाई देगाजिसमें फाईल हेतु नाम तथा फाईल फार्मेट  लोकेशन आदि की जानकारी भरकर ‘‘सेव‘‘ बटन पर क्लिक करें।

7. Share :-

इस विकल्प के माध्यम से आप अपनी वर्ड फाईल को (‘‘Share ‘‘) कर सकते है।

8. Export (MS Word File Menu Important):-

इस विकल्प के माध्यम से आप अपनी फाईल को (‘‘Export ‘‘) कर सकते है तथा फाईल की (‘‘PDF or XPS ‘‘) फार्मेट में कॉपी भी बना सकते है। साथ ही आप अलग-अलग फार्मेट में वर्डफाईल की कॉपी बना सकते है।

9. Close :-

इस विकल्प के द्वारा आप फाईल को बंद कर सकते है।

Microsoft Word Home Tab के बारे में जानकारी – MS Word Home Tab in Hindi

Microsoft Word एक best letter और document writing software है जिसका इस्तेमाल करोडो लोग letter और document type करने के लिए करते हैं| अगर आप अभी अभी MS word के सारे functions को सीखना start किये हैं तो आपको सबसे पहले Home tab के बारे में सीखना होगा क्योंकि इसमें ज्यादातर उपयोग होने वाले option add किये गए हैं जैसे Cut, Copy, Paste etc. आज के इस पोस्ट में हम MS Word के home tab के बारे में सीखेंगे|

MS Word Home Tab in Hindi

MS Word में सारे functions को group-wise categorized कर दिया गया है जिससे लोगो को समझने में आसानी हो| MS Word के home tab को 5 group में बाँटा गया है और सभी groups का काम अलग अलग है| इस पोस्ट में हम सभी ग्रुप के सभी functions के बारे में एक एक करके सीखेंगे| इस पोस्ट में बताये गए सभी option को use करने के लिए आपको text select करना होगा| text select करने के बाद ही सभी option का इस्तेमाल कर सकते हैं|

Home tab को keyboard से active करने के लिए सबसे पहले Alt press करें और फिर H press करें|

सभी ग्रुप का नाम tab के निचले part में दिया गया है जैसा की आप image में देख सकते हैं| यह screenshot MS Word 2010 version से लिया गया है| इसमें कुल पाँच ग्रुप हैं जो की इस प्रकार हैं:
MS Word Home Tab
MS Word Home Tab

Clipboard

Clipboard आपके computer memory में एक special location होता है जो की cut और copy किया गया data को temporary store करता है| Temporary का मतलब होता है की यह data को तब तक store करके रखता है जब तक computer shut down (बंद) ना हो जाये या user अपने किसी भी प्रोफाइल से जब तक logout ना हो जाये|

Clipboard group के अन्दर Cut, copy, Paste और Format painter option available होता है जिनका अलग अलग काम हैं| चलिए सभी के कार्य देखते हैं|

Cut

Cut option का इस्तेमाल text, image और video को cut करके दुसरे जगह paste करना होता है| ‘Cut’ word को cutting word से लिया गया है जिसका हिंदी meaning “काटना”होता है| किसी भी item या data (Text, image, link) को एक जगह से remove करके temporal storage area में store करने के process को Cut कहा जाता है| जब एक बार data clipboard में store हो जाता है तो उसके बाद आप उसे कहीं पर भी paste कर सकते हैं|  Cut का shortcut key Ctrl + x होता है|

Copy

‘Copy’ word का हिंदी meaning “प्रतिलिपि” होता है लेकिन इसको हिंदी में “नक़ल करना” भी कहा जाता है| किसी भी data का duplicate बनाने के process को copy कहा जाता है जैसे यदि आपके computer में कोई video है और आप उसे किसी दुसरे computer में भी रखना चाहते हैं तो उसको copy करना होगा| इसका shortcut key Ctrl + C होता है|

Paste

‘Paste’ का हिंदी meaning “चिपकाना” होता है| Paste एक operating system या program action होता है जो की किसी भी user को कोई भी data copy करके या cut करके किसी दुसरे location पर store करने का काम करता है| इसका shortcut key Ctrl + V होता है|

Format Painter

Format painter option का इस्तेमाल किसी भी text के formatting को copy करके दुसरे जगह पर apply करने के लिए किया जाता है| जैसे यदि आप same formatting किसी दुसरे MS word document या same document में apply करना चाहते हैं तो उसके लिए आप सबसे पहले formatting किया हुआ text को select कीजिये और उसके बाद Format painter option पर click कीजिये| अब आपका formatting copy हो चूका है इसके बाद जिस text पर formatting apply करना है उसको select कर दीजिये आपका formatting apply हो जायेगा|

अगर आप multiple place को formatting करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको सबसे पहले formatting किया हुआ text select करना है और फिर Format painter पर double click करना है और उसके बाद जहाँ जहाँ formatting को apply करना है वहां पर text को select कर दीजिये आपका formatting apply हो जायेगा|

Format painter का shortcut key Ctrl + Shift + C होता है| shortcut key के द्वारा formatting select करने के लिए सबसे पहले formatting किया हुआ text को select करें और फिर shortcut key प्रेस करें| अब formatting copy हो चूका है| Formatting को apply करने के लिए सबसे पहले उस text को select करें जहाँ पर formatting apply करना है और फिर Ctrl + Shift + V press करें, आपका formatting उस text पर apply हो जायेगा|

Font

Font group में font से related सारे option को रखा गया है जिससे आप font पर ढेर सारे option apply कर सकते हैं| इसके अन्दर ढेर सारे option available हैं चलिए एक एक करके सभी option के बारे में जानते हैं|

Font: इसमें आपको font का style change करने के लिए option दिया हुआ होता है जैसे की यदि आप font का style change करना चाहते हैं तो इस option का इस्तेमाल कर सकते हैं| For example: यदि आप किसी दुसरे language में text लिखना चाहते हैं तो आप यहाँ से font style change कर सकते हैं| इसका shortcut key Ctrl + Shift + F होता है|

Font Size: Font size के द्वारा font को छोटा बड़ा कर सकते हैं| इसका shortcut key Ctrl + Shift + P होता है|
Grow Font: Grow font का इस्तेमाल font के size बढ़ाने के लिए किया जाता है| इसका shortcut key Ctrl + > होता है|

Shrink Font: Shrink font का इस्तेमाल font size को छोटा करने के लिए किया जाता है| इसका shortcut key Ctrl + < होता है|

Change Case: इस option के द्वारा text के case को change किया जाता है जैसे की upper case, lower case etc. इस option के अन्दर ढेर सारे case मौजूद होते हैं| चलिए एक एक करके सभी के बारे में जानते हैं|

  • Sentence Case: इस option का इस्तेमाल एक sentence के first character को capital करने के लिए किया जाता है|
  • Lower Case: इस option का इस्तेमाल सभी text को small letter में change करने के लिए किया जाता है|
  • Upper Case: इस option का इस्तेमाल सभी text को capital letter में change करने के लिए किया जाता है|
  • Capitalized Each Word: इस option का इस्तेमाल सभी word के शुरू character को capital letter में change करने के लिए होता है|
  • Toggle Case: Toggle case का इस्तेमाल सभी sentence के शुरू letter को capital letter में change करने के लिए किया जाता है|

Clear Formatting: इस option का इस्तेमाल selected text में दिए गए formatting को clear करने के लिए किया जाता है|

Bold: इस option का इस्तेमाल selected text को मोटा (Bold) करने के लिए किया जाता है| इसका shortcut key Ctrl + B होता है|

Italic: इस option का इस्तेमाल Selected text को italic (तिरछा) करने के लिए किया जाता है| इसका shortcut key Ctrl + I होता है|

Underline: इस option का इस्तेमाल selected text के निचे line देने के लिए किया जाता है जिसे underline कहा जाता है| इसका shortcut key Ctrl + U होता है|

Strikethrough: इस option का इस्तेमाल selected text को बीच से काटने के लिए किया जाता है| Example: ABC

Subscript: इस option का इस्तेमाल text के baseline के निचे small letters create करने के लिए होता है| इसका shortcut key Ctrl + = होता है|

Superscript: इस option का इस्तेमाल text के line के ऊपर small letters create करने के लिए होता है जैसे square, cube लिखने के लिए होता है| इसका shortcut key Ctrl + shift + + होता है|

Text effects: इस option का इस्तेमाल selected text पर visual effects apply करने के लिए किया जाता है| जैसे की Shadow (परछाईं), glow etc.

Text Highlight Colors: इस option का इस्तेमाल selected text को highlight करने के लिए किया जाता है| जैसे हम highlighter से copy या किताब में text का background color create करते हैं ठीक उसी प्रकार इसमें भी text का background color create करने के लिए इसका इस्तेमाल होता है|

Font color: इस option का इस्तेमाल selected text का font color change करने के लिए किया जाता है|

Paragraph

एक पैराग्राफ में एक या एक से ज्यादा sentence मौजूद होते हैं| Paragraph हमेशा नया line से शुरू होता है| Paragraph text writing का एक section होता है| यहाँ पर MS Word के home tab में दिए गए paragraph ग्रुप में ढेर सारे option हैं जिनका इस्तेमाल अलग अलग कार्यों के लिए किया जाता है|

Bullets: Bullets का इस्तेमाल text को bulleted list से start करने के लिए होता है| जैसे यदि आप किसी भी चीज के points को लिख रहे हैं तो आप इस option का इस्तेमाल कर सकते हैं| अलग प्रकार के bullets देने के लिए side में दिए गए arrow button का इस्तेमाल करें|

Numbering: Numbering का इस्तेमाल text के पहले number देने के लिए किया जाता है| यदि आप किसी भी topics के बारे में point by point लिख रहे हैं तो इस option का इस्तेमाल करके numbering दे सकते हैं|अलग प्रकार के numbering देने के लिए side में दिए गए arrow button का इस्तेमाल करें|

Multilevel list: इस option का इस्तेमाल multilevel list देने के लिए किया जाता है जैसे यदि आप किसी topics के बारे में लिख रहे हैं और यदि उस topics के अन्दर भी topics available है और फिर अन्दर वाले topics के अन्दर भी दूसरा topics है तो multilevel list का इस्तेमाल करके उस topics को अच्छे से सजा सकते हैं|

Decrease indent: इस option का इस्तेमाल किसी particular paragraph में दिए गए margin को कम करने के लिए किया जाता है|

Increase indent: इस option का इस्तेमाल किसी particular paragraph में margin देने के लिए किया जाता है|

Sort: इस option का इस्तेमाल Text, numbers, और date को sort करने के लिए किया जाता है यानि की इस option का इस्तेमाल numeric value और alphabetic letter को Ascending और Descending order में short करने के लिए किया जाता है|

Align Text Left: इस option का इस्तेमाल text को left side में ले जाने के लिए किया जाता है|इसका shortcut key Ctrl + L होता है|

Center: इस option का इस्तेमाल text को center में करने के लिए किया जाता है| इसका shortcut key Ctrl + E होता है|

Align Text Right: इस option का इस्तेमाल text को right side में ले जाने के लिए किया जाता है| इसका shortcut key Ctrl + R होता है|

Justify: इस option का इस्तेमाल text को left और right दोनों side से equal करने के लिए किया जाता है| इसमें extra space automatically जरुरत के अनुसार add हो जाता है| यह page को clean look देता है| इस पोस्ट में justify का इस्तेमाल नहीं किया गया है| इसका shortcut key Ctrl + J होता है|

Line and Paragraph Spacing: इस option का इस्तेमाल line और paragraph के बीच spacing देने के लिए किया जाता है| इसमें आप अपने अनुसार line और paragraph के बीच customized spacing दे सकते हैं|

Shading: इस option का इस्तेमाल selected text और paragraph का background देने के लिए किया जाता है|

Border: इस option का इस्तेमाल selected text का border देने के लिए किया जाता है|

Styles

इस ग्रुप के अन्दर कुछ बने बनाए हुए designing available होते हैं जिसका इस्तेमाल आप आसानी से अपने document में कर सकते हैं| इसमें customized styling भी बना सकते हैं|

Editing

इस ग्रुप के अन्दर editing से related कुछ option रहते हैं जैसे कुछ find करने का, एक page से दुसरे page पर जाने का, replace करने का इत्यादि|

Find: इस option का इस्तेमाल किसी भी text और other contents को find करने के लिए किया जाता है| इसका shortcut key Ctrl + F होता है|

Advance Find: इस option का इस्तेमाल करके आप अपने document में कुछ extra option के द्वारा find कर सकते हैं या फिर कह सकते हैं की इस option के द्वारा हम find करने के लिए option फ़िल्टर करते हैं जैसे यदि हमें उसी word को exact find करना है तो उसके लिए match case का इस्तेमाल कर सकते हैं|

Goto: इस option का इस्तेमाल एक page से directly किसी दुसरे page पर जाने के लिए किया जाता है| इसका shortcut key Ctrl + G होता है| इस option के द्वारा आप किसी particular page, section, line, comment पर जा सकते हैं|

Replace: इस option का इस्तेमाल किसी particular word को या sentence को किसी दुसरे word या sentence के द्वारा replace करने के लिए किया जाता है| इसका shortcut key Ctrl + H होता है|

Select: Select option का इस्तेमाल text को या किसी object को select करने के लिए किया जाता है| इसके अन्दर तीन option available होते हैं| Select All जिसका इस्तेमाल document में पूरे text और object को select करने के लिए किया जाता है| Select object जिसका इस्तेमाल object को select करने के लिए किया जाता है जैसे की shape. और Select text with similar formatting: इस option का इस्तेमाल selected text के formatting वाले सभी text को select करने के लिए किया जाता है|

Selection pane: इसमें आप जितने भी shapes draw करेंगे उनका list show होगा|

Video Tutorial

Conclusion and Final Words

MS Word Home tab सबसे basic tab है जिसके बारे में लगभग सभी computer user को जानना जरुरी है| इस tab में इस्तेमाल किये गए option का इस्तेमाल लगभग अधिकांश software में available होता है और उसका same shortcut key use होता है जैसे की Bold, Italic, Underline etc.

MS Word के इस tutorial में हमने home tab के बारे में जाना| इसके अगले वाले series में हमलोग insert tab के बारे में जानेंगे| मुझे उम्मीद है की यह पोस्ट आपको काफी पसंद आया होगा इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ जरुर share करें और

MS Word Insert Menu की पूरी जानकारी।

इस MS Word Insert Menu के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में आवश्‍यक शेप, पिक्‍चर, टेबल आदि कई चीजों को Insert कर सकते है।

Page (MS Word Insert Menu):-

इस विकल्प में एम.एस. वर्ड के पेज हेतु विभिन्न प्रकार की जानकारी उपलब्ध होते हैः-

a. Cover Page:- इस विकल्प के द्वारा हम अपनी वर्ड फाईल में पहले से डिजाईन किए हुए कवर पेज इन्सर्ट कर सकते है, जिससे हमारी फाईल की डिजाईन आकर्षित हो जाती है।

b. Blank Page:-इस विकल्प के द्वारा आप कर्सर की वर्तमान स्थिति के बाद नया ब्लेंक पेज इन्सर्ट कर सकते है।

c. Page Break :- इस विकल्प के आप वर्ड फाईल में कर्सर की वर्तमान स्थिति से पेज को ब्रेक कर नया पेज इन्सर्ट कर सकते है।

MS Word Insert Menu की image:-

MS Word Insert Menu
Table (MS Word Insert Menu):-

इस विकल्प के द्वारा आप एम.एस. वर्ड फाईल में टेबल इन्सर्ट कर सकते है। इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

a. Insert Table (how to insert Table in MS Word):-

इसके द्वारा टेबल आसानी से इन्सर्ट की जा सकती है, जिसमें आपको केवल रो व कॉलम की संख्या डालने की आवश्यकता होती है,

इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स  ओपन होगा, जिसमें निम्न विकल्प होते हैः-

MS Word Insert Table

i. Table Size:-

  1. Number of Columns:- आपको टेबल में जितने कॉलम चाहिए उसकी संख्या इस विकल्प में डालना होता है।
  2. Number of Rows:- आपको टेबल में जितनी रो चाहिए उसकी संख्या इस विकल्प में डालना होता है।

ii. AutoFit Behavior:-

  1. Fixed Column Width:- इस विकल्प की रेडियो बटन पर क्लिक करने पर आपकी टेबल के सभी कॉलम की चौड़ाई बराबर होती है। तथा कॉलम  की चैड़ाई आप अपनी आवश्यकतानुसार दे सकते है।
  2. AutoFit to Contents:- इस विकल्प की रेडियो बटन पर क्लिक करने पर कॉलम व रो की लंबाई-चौडाई उसमें डाले गए टैक्स्ट के अनुसार एडजस्ट हो जाती है।
  3. AutoFit to Window:- इस विकल्प की रेडियो बटन पर क्लिक करने पर टेबल पेज के मर्जिन अनुसार सेट हो जाती है।

iii. Remember dimensions for new tables:-

इस विकल्प के चेक बॉक्‍स पर चेक करने पर इस टेबल में की गई सेटिंग अगली टेबल इन्सर्ट करने पर अपने आप उस टेबल में एड हो जाती है।

b. Draw Table:-

इस विकल्प पर क्लिक करने पर माउस का कर्सर एक पेंसिल के आकार का हो जाता है, तथा माउस की लेफ्ट बटन के द्वारा आप अपनी आवश्यकतानुसार टेबल ड्रा कर (बना) सकते है।

c. Convert Text to Table:-

इस विकल्प के द्वारा आप पहले से टाईप किए हुए टैक्स्ट को एक टेबल के रूप में बदल सकते है।

इसके लिए सबसे पहले उस टैक्स्ट को सेलेक्ट करना होता है, इसके बाद इस विकल्प पर क्लिक करें।

d. Excel Spreadsheet:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में एक्सेल की स्प्रेड शीट को इन्सर्ट कर सकते है। इस विकल्प से इन्सर्ट की गई टैबल भी सामान्य टेबल की तरह ही दिखाई देगी है।

इसके द्वारा इन्सर्ट की गई स्प्रेड शीट में एक्सेल के सभी फीचर का उपयोग किया जा सकता है।

e. Quick Tables:-

इस विकल्प के द्वारा आप पहले से बनी हुई टेबल को इन्सर्ट कर उनका उपयोग कर सकते है। इसमें विभिन्न प्रकार के कार्यो के लिए डिजाईन की हुई टेबल उपलब्ध होती है।

वर्ड फाईल में टेबल इन्सर्ट करने पर आपको कुछ अन्य विकल्प मिलते है,- Table Design/Design, Layout  जिनके बारे में नीचे बताया गया हैः-

Table Design/Design:-

यह विकल्प टेबल को इन्सर्ट करने के बाद मिलता है, तथा इस विकल्प के बाद टेबल को विभिन्न प्रकार के विकल्पों के द्वारा डिजाईन किया जा सकता है, इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

MS Word Insert Table
a. Table Styles:-

इस विकल्प के द्वारा आप इन्सर्ट की हुई टेबल को पहले से दी गई अलग-अलग स्टाईल से स्टाईल कर सकते है,

तथा अपने अनुसार उनमें बदलाव कर सकते है अथवा अपने अनुसार स्टाईल कर सकते है। इसमें आपको निम्न विकल्प मिलते हैः-

i. Custom:-

इसमें आपको पहले से बनी हुई कस्टम टेबल एड कर सकते है। 

ii. Plain Table:-

इसमें पहले से बनी हुइ प्लेन टेबल की डिजाईन एड कर सकते है।

iii. Grid Table:-

इसमें पहले से बनी हुइ ग्रिड टेबल की डिजाईन एड कर सकते है।

iv. Modify Table Style:-

यदि आप अपनी टेबल की स्टाईल को मोडिफाई कर सकते है। इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स  ओपन होगा,

जिसमे निम्नलिखित विकल्प होते है, जिनके द्वारा टेबल की स्टाईल को मेडिफाई कर सकते हैः-

1. Properties:-

  1. Name:- इस विकल्प में आप स्टाईल का नाम लिख सकते है।
  2. Style Type:- इस विकल्प में पहले से ही टेबल होता है।
  3. Style based on:- इसके द्वारा आप पहले से बनी हुई स्टाईल की प्रोपर्टी का उपयोग कर सकते है। अथवा Table Normal विकल्प के द्वारा अपने अनुसार स्टाईल बना सकते है।

2. Formatting:-

  1. Apply Formatting to:- इस विकल्प के द्वारा आप यह सेट कर सकते है कि स्टाईल को पूरी टेबल पर एप्लाई करना है, अथवा किसी रो पर, अथवा किसी कॉलम पर या किसी एक सेल पर आदि।
  2. Font Language:- इस विकल्प के द्वारा टेबल के टैक्स्ट हेतु फांट अथवा भाषा को बदला जा सकता है।
  3. Font Size:- इस विकल्प के द्वारा फांट साइज को सेट किया जा सकता है।
  4. Style of Font or Font Style:-
    1. Bold:- इसके द्वारा टेबल के टैक्स्ट को बोल्ड किया जा सकता है।
    2. Italic:- इसके द्वारा टेबल के टैक्स्ट को इटालिक किया जा सकता है।
    3. Underline:- इसके द्वारा टेबल के टैक्स्ट को अंडरलाईन किया जा सकता है।

5. Table Border:-

    1. Border Style:- इस विकल्प के द्वारा टेबल की बोर्डर की स्टाईल को बदला जा सकता है।
    2. Border Weigth:- इसके द्वारा टेबल बोर्डर की मोटाई को बदला जा सकता है।
    3. Color of Border or Border Color:- इसके द्वारा टेबल बोर्डर के कलर को बदला जा सकता है।
    4. Border:- इसके द्वारा टेबल की बोर्डर हेतु विभिन्न विकल्प उपलब्ध होते है, जिनके द्वारा आप सेट कर सकते है कि टेबल कौन सी बोेर्डर लगाना है। इस विकल्प में निम्नलिखित विकल्प मिलते है:- All Borders, No Boarder, Outside Borders, Inside Borders, Top Borders, Bottom Border, Left Border, Right Border, Inside Horizontal Border, Inside Vertical Border, Diagonal Down Border, Diagonal Up Boarder
    5. Table Color:- इस विकल्प के द्वारा टेबल का कलर सेट किया जा सकता है।
    6. Table Text Alignment:- इस विकल्प के द्वारा टेबल में टाईप किए जाने वाले टैक्स्ट को Left, Right, Center, Justify किया जा सकता है।

6. Preview:- इस विकल्प में उपर टेबल के स्टाईल में किया हुआ बदलाव दिखाई देता है।

7. Only in this document:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स में चेक करने पर वर्तमान वर्ड फाईल में इन्सर्ट की जाने वाली सभी टेबल पर यही स्टाईल एप्लाई होगी। जिसे आप चाहे तो मोडिफाई कर सकते है, बदल सकते है।

8. New document based on this template:- इस विकल्प के चेकबॉक्‍स को चेक करने पर इस स्टाईल को नई वर्ड फाईल में भी उपयोग किया जा सकता है।

v. Clear:-

इस विकल्प के द्वारा आप टेबल पर लगाई गई डिजाईन/स्टाईल को हटा सकते है।

vi. New Table Style:-

इस विकल्प के द्वारा नई टेबल स्टाईल बना सकते है।

vii. Shading:-

इस विकल्प के द्वारा आप टेबल को कलर कर सकते है।

b. Table Style Options:-

इस विकल्प के द्वारा टेबल स्टाईल द्वारा टेबल को स्टाईल करने में इस विकल्प के कुछ विकल्प मदद करते है। इस विकल्प का उपयोग तब टेबल पर ठीक से उपयोग होगा,

जब आपके द्वारा टैबल का कलरफुल स्टाईल तथा डिजाइन से मोडिफाई किया जाएगा।

इसमें निम्नलिखित विकल्प है, जिनके द्वारा आप टेबल में कुछ बदलाव कर सकते है, जैसे

    1. Header Row:- इस विकल्प के द्वारा हेडर वाली पहली रो को हाइड या शो कर सकते है।
    2. First Column:- इस विकल्प के द्वारा टेबल के पहले कॉलम  को हाइड या शो कर सकते है।
    3. Total Row:- इस विकल्प के द्वारा अंतिम रो को हाइड या शो कर सकते है।
    4. Last Column:- इस विकल्प के द्वारा अंतिम कॉलम को हाइड या शो कर सकते है।
    5. Banded Rows:- इस विकल्प के द्वारा रो को अलग-अलग रंग से डिजाईन किया जा सकता है।
    6. Banded Columns:- इस विकल्प के द्वारा कॉलम को अलग-अलग रंग से डिजाईन किया जा सकता है। 

c. Border ( Table Border) :-

इस विकल्प के माध्यम से आप टेबल पर बॉर्डर डाल सकते है।

  1. None:- इस विकल्प को चुनने पर सभी लगाई गई बॉर्डर हट जाती है।
  2. Box:- इस विकल्प के माध्यम से टेबल के आसपास की बार्डर लगाई जाती है, लेकिन टेबल के अंदर बॉर्डर नहीं होती है।
  3. All:- इस विकल्प के द्वारा टेबल की पूरी बॉर्डर लगाई जाती है।
  4. Grid:- इस विकल्प के द्वारा भी टेबल की पूरी बॉर्डर लगाई जाती है, इसमें अंतर केवल इतना है, कि इसमें टेबल के अंदर की बॉर्डर  टेबल के बाहरी बॉर्डर  से गहरे रंग की होती है।
  5. Custom:- इसके द्वारा टेबल हेतु कस्टम बॉर्डर बनाई जा सकती है।
  6. Style:- इस विकल्प में आपको बॉर्डर हेतु अलग-अलग स्टाईल मिलते है, जैसे बिंदु वाली बॉर्डर , सीधी लाईन वाली बॉर्डर , कटी लाईन वाली बॉर्डर , डार्क लाईन वाली बॉर्डर , दो अथवा तीन लाईन वाली बॉर्डर । इनमें से आप अपनी आवश्यकतानुसार बॉर्डर  स्टाईल को चुन सकते है।
  7. Color:- इस विकल्प के माध्यम से आप बॉर्डर को अलग-अलग कलर दे सकते है।
  8. Width:- इस विकल्प के द्वारा आप बॉर्डर की मोटाई को कम-ज्यादा कर सकते है।
  9. Art:- इस विकल्प के द्वारा आप पहले से उपलब्ध विभिन्न प्रकार की आर्ट वाली बॉर्डर लगा सकते है, जैसे फूलो वाली बॉर्डर  या कोई डिजाइन वाली बॉर्डर ।
  10. Preview:- इसमें आपको उपर दिए गए विकल्पों में से किसी को चुनने पर बॉर्डर में क्या बदलाव आएगा, यह दिखाया जाता है।
नोटः- साथ ही इसके बॉक्‍स में आपको 6 छोट-छोटे बॉक्‍स भी दिखाई देते है, जिसमें से चार बॉक्‍स Top, Bottom, Left, Right बॉर्डर को दर्शाते है, तथा शेष दो बॉक्‍स टेबल के बीच की बॉर्डर का दर्शाते है। आप जिस बॉर्डर को लगाना अथवा हटाना चाहते है, उस बॉक्‍स पर क्लिक करें।

11. Apply to:- इसमें आपको चार विकल्प मिलते हैः-

    1. Paragraph:- इस विकल्प के द्वारा आप टेबल की सेल के अंदर टाईप किए गए डेटा पर बॉर्डर लगा सकते है।
    2. Cell:- इस विकल्प के द्वारा आप टेबल की केवल एक सेल पर बॉर्डर लगा सकते है।
    3. Table:- इस विकल्प के द्वारा आप पूरी टेबल पर बॉर्डर लगा सकते है।

Table Layout (MS Word Insert Menu):-

इस विकल्प के द्वारा आप टेबल के ले-आउट को सेट कर सकते है। इसमें निम्नलिखित विकल्प होते हैः-

MS Word Insert Table
a. Table:-

इस विकल्प के द्वारा आप इन्सर्ट की हुई टेबल को पहले से दी गई अलग-अलग स्टाईल से स्टाईल कर सकते है,

तथा अपने अनुसार उनमें बदलाव कर सकते है अथवा अपने अनुसार स्टाईल कर सकते है। इसमें आपको निम्न विकल्प मिलते हैः-

i. Select:-

इस विकल्प के द्वारा टेबल को सेलेक्ट किया जा सकता है।

ii. View Gridlines:-

इस विकल्प के द्वारा टेबल की ग्रिड को शो किया जाता है।

iii. Properties:-

1. Table:-

इस विकल्प के द्वारा टेबल के आकार तथा एलाइमेंट को सेट किया जा सकता हैः-

    1. Size:- इसके द्वारा टेबल की चौडाई को सेट कर सकते है।
    2. Alignment:- इसके द्वारा टेबल के एलाइनमेंट को सेट किया जा सकता है, इसमें तीन विकल्प है। Left, Right, Center
    3. Text Wrapping:- यदि आपने टेबल को टैक्स्ट के बीच में इन्सर्ट किया है तो इस विकल्प के Around विकल्प के माध्यम से आप टैक्स्ट को टेबल के चारों ओर एडजस्ट कर सकते है।
      1. Positioning:- Text Wrapping विकल्प का चुनने पर यह विकल्प पर क्लिक कर सकते है, इस विकल्प पर क्लिक करनें पर एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स खुलेगा, जिसमें आपको निम्न विकल्प मिलेंगेः-
      2. Horizontal:- इस विकल्प के द्वारा टेबल को हारिजोंटली, टैक्स्ट के लेफ्ट, राइट, या सेंटर अथवा इनसाइड में एलाइन किया जा सकता है।
      3. Vertical:- इस विकल्प के द्वारा टेबल को वर्टिकली, टैक्स्ट के लेफ्ट, राइट, या सेंटर अथवा इनसाइड में एलाइन किया जा सकता है।
      4. Distance from surrounding text:- इस विकल्प के द्वारा टेबल की टैक्स्ट से दूरी को सेट कर सकते है।
      5. Options:-
        1. Move with Text:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स पर क्लिक करने पर टेबल के आकार में बदलाव होने पर टैक्स्ट मूव होता है।
        2. Allow overlap:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स पर क्लिक करने पर टेबल के आकार में बदलाव होने पर टेबल, टैक्स्ट पर ओवरलेप हो जाती है।

2. Row:-

इस विकल्प के द्वारा टेबल की रो की हाईट को एडजस्ट कर सकते है।

3. Column:-

इस विकल्प के द्वारा टेबल के कॉलम  की चौडाई को एडजस्ट कर सकते है।

4. Cell:-

इस विकल्प के द्वारा टेबल की सेल के आकार को एडजस्ट कर सकते है।

5. Alt Text:-

इसके द्वारा टेबल हेतु अल्ट टैक्स्ट डाला जा सकता है, जिसमें दो विकल्प टाईटल तथा डिस्क्रीप्शन होता है।

b. Draw:-

  1. Draw Table:- इस विकल्प पर क्लिक करने पर माउस का कर्सर एक पेंसिल के आकार का हो जाता है, तथा माउस की लेफ्ट बटन के द्वारा आप अपनी आवश्यकतानुसार टेबल ड्रा कर (बना) सकते है।
  2. Eraser:- इस विकल्प के द्वारा आप टेबल को मिटा सकते है।

c. Row & Columns:-

इस विकल्प के द्वारा रो/कॉलम /सेल को इन्सर्ट या डेलेट कर सकते है, इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

    1. Delete:-
      1. Cell:- इस विकल्प के द्वारा कर्सर की वर्तमान स्थिति वाली सेल को डेलेट कर सकते है।
      2. Row:- इस विकल्प के द्वारा कर्सर की वर्तमान स्थिति वाली रो को डेलेट कर सकते है।
      3. Column:- इस विकल्प के द्वारा कर्सर की वर्तमान स्थिति वाले कॉलम को डेलेट कर सकते है।
      4. Table:- इस विकल्प के द्वारा टेबल को डेलेट कर सकते है।
    2. Insert:-
      1. Above:- इस विकल्प के द्वारा टेबल में कर्सर की वर्तमान स्थिति से उपर रो इन्सर्ट की जा सकती है।
      2. Below:- इस विकल्प के द्वारा टेबल में कर्सर की वर्तमान स्थिति से नीचे रो इन्सर्ट की जा सकती है।
      3. Left:- इस विकल्प के द्वारा टेबल में कर्सर की वर्तमान स्थिति के बांयी ओर कॉलम इन्सर्ट किया जा सकता है।
      4. Right:- इस विकल्प के द्वारा टेबल में कर्सर की वर्तमान स्थिति के दांयी ओर कॉलम इन्सर्ट किया जा सकता है।

d. Merge:-

Merge Cells:- इस विकल्प के द्वारा टेबल की सेलो को आपस में जोडा जा सकता है। जैसे दो या दो से अधिक सेलों को मिलाकर एक बॉक्‍स बना देना।

इस विकल्प का उपयोग करने के लिए जिन सेलों को मर्ज करना है, पहले उन्हें सेलेक्ट करे,उसके बाद इस विकल्प पर क्लिक करे।

सेल:- जहां एक रो व कॉलम  मिलते है, उस बॉक्‍स  को सेल कहते है।

  1. Split Cells:- इस विकल्प के द्वारा टेबल की एक सेल को दो या दो से अधिक सेलो में विभाजित किया जा सकता है। इस विकल्प का उपयोग करने के लिए जिन सेलों को स्प्लीट करना है, पहले उन्हें सेलेक्ट करे, उसके बाद इस विकल्प पर क्लिक करे।
  2. Split Table:- इस विकल्प के द्वारा एक पूरी टेबल को दो टेबल में स्प्लीट (विभाजित) किया जा सकता है।

e. Cell Size:-

  1. Cell Size (AutoFit):-
    1. AutoFit Content:- इस विकल्प पर क्लिक करने पर टेबल की सेल का आकार उसमें इन्सर्ट किए गए टैक्स्ट के अनुसार सेट हो जाता है।
    2. Auto Fit Window:- इस विकल्प पर क्लिक करने पर टेबल की चौडाई पेज मार्जिन के अनुसार सेट हो जाता है।
    3. Fixed Column Width:- इस विकल्प पर क्लिक करने पर टेबल के सभी कॉलम की चौडाई बराबर हो जाती है।
  2. Distribute Rows:- इस विकल्प के द्वारा दो या दो से अधिक रो की हाईट को उनके बीच बराबर बांटा जा सकता है। अर्थात इस विकल्प के द्वारा रो की हाईट को बराबर किया जा सकता है।
  3. Distribute Columns:- इस विकल्प के द्वारा दो या दो से अधिक कॉलम की चौडाई को उनके बीच बराबर बांटा जा सकता है। अर्थात इस विकल्प के द्वारा कॉलम  की चौडाई को बराबर किया जा सकता है।

f. Alignment:-

  1. Align Text:- इस विकल्प के द्वारा टेबल के सेल के टैक्स्ट को लेफ्ट, राइट, सेंटर, जस्टीफाई आदि एलाईन किया जा सकता है।
  2. Text Direction:- इस विकल्प के द्वारा टैबल में इन्सर्ट किए जने वाले टैक्स्ट के डायरेक्शन को सेट किया जा सकता है, आप चाहे तो टैक्स्ट को हारिजोन्टली अथवा वर्टिकली एलाईन किया जा सकता है।
  3. Cell Margins:- इस विकल्प के द्वारा आप सेल के मार्जिन को सेट किया जा सकता है।

g. Data:-

  1. Sort:- इस विकल्प के द्वारा टेबल के कन्टेंट को सॉर्ट किया जात सकता है।
  2. Sorting:- टेबल के कन्टेंट को अल्फाबेटिकली (A-Z) (0-9) अथवा घटते क्रम अथवा बढ़ते क्रम में व्यवस्थित करना।
  3. Repeat Header Rows:- यदि आपने टेबल को उपर के विकल्पों द्वारा स्टाईल किया है तब इस विकल्प का उपयोग आप आसानी से समझ पाएंगे। इस विकल्प का उपयोग कर आप हेडर रो के नीचे की रो को भी हेडर रो बना सकते है। अर्थात टेबल की पहली रो की प्रापर्टी को उसके नीचे की रो पर भी एप्लाई किया जा सकता है
  4. Convert to Text:- इस विकल्प के द्वारा आप टेबल को उसके टैक्स्ट सहित सिंपल टैक्स्ट के रूप में बदल सकते है
  5. Formula:- इस विकल्प के द्वारा आप टेबल में मैथ्स के फार्मुला डाल सकते है। कई बार हम टेबल में ऐसे डाटा को इन्सर्ट करते है, जिसमें हमे केलकुलेशन की आवश्यकता होती है, इस विकल्प के द्वारा हम आसानी से उपयोग कर सकते है। जैसे जोड, घटाव, गुणा, भाग आदि।

Illustrations (MS Word Insert Menu):-

इस विकल्प के द्वारा आप एम.एस. वर्ड फाईल में आप पिक्चर, शेप, आईकन, 3-डी मॉडल, स्मार्टआर्ट, चार्ट, स्क्रीनशॉट आदि डाल सकते है।

a. Pictures:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में पिक्चर/फोटो डाल सकते है, इस विकल्प में आप निम्न विकल्प के द्वारा पिक्चर/फोटो डाल सकते हैः-

    1. This Device:- इस विकल्प के द्वारा आप अपने कम्प्यूटर/लेपटॉप में सेव पिक्चर/फोटो को वर्ड फाईल में इन्सर्ट कर सकते है।
    2. Stock Images:- इस विकल्प के द्वारा आप माइक्रोसोफ्ट द्वारा उपलब्ध कराई गई ऑनलाईन स्‍टॉक पिक्चर/फोटो को वर्ड फाईल में इन्सर्ट कर सकते है।
    3. Online Pictues:- इस विकल्प के द्वारा आप ऑनलाईन पिक्चर/फोटो को वर्ड फाईल में इन्सर्ट कर सकते है।
MS Word Insert Picture
b. Screenshot:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में तुरंत स्‍क्रीनशॉट  लेकर उसे इन्सर्ट कर सकते है, यह एक पिक्चर/फोटो के रूप में ही होती है।

नोटः-वर्ड फाईल में इमेज/फोटो अथवा स्‍क्रीनशॉट  को इन्सर्ट करने पर आपको अन्य विकल्प ‘‘पिक्‍चर फार्मेट/फार्मेट‘‘ मिलेगा।

इस विकल्‍प के बारे में जानकारी के लिए विकल्‍प पर क्लिक करें।

PICTURE/SCREENSHOT FORMAT MENU

c. Shapes:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में शेप जैसे लाईन, स्क्वायर बॉक्‍स , सर्कल एवं अन्य डिजाईन की शेप को इन्सर्ट कर सकते है।

नोटः- वर्ड फाईल में शेप को इन्सर्ट करने पर आपको अन्य विकल्प ‘‘शेप फार्मेट/फार्मेट‘‘ मिलेगा।

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SHAPE FOMAT MENU

MS Word Insert Shape

d. Icons:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में ग्राफीक/आईकन्स जैसे इमोजी, घडी का आईकन आदि को इन्सर्ट कर सकते है।

नोटः- वर्ड फाईल में ग्राफीक/आईकन को इन्सर्ट करने पर आपको अन्य विकल्प ‘‘ग्राफिक फार्मेट/फार्मेट‘‘ मिलेगा।

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ICON/GRAPHIC FORMAT MENU

MS Word Insert Icon

e. 3-D Models:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में 3-डी मॉडल को इन्सर्ट कर सकते है।

नोटः- वर्ड फाईल में 3-डी मॉडल को इन्सर्ट करने पर आपको अन्य विकल्प ‘‘3-डी मॉडल/फार्मेट‘‘ मिलेगा।

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3-D MODELS FORMAT MENU

MS Word Insert 3D Model

g. SmartArt:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में स्मार्ट आर्ट जैसे शेप का हाइरार्की ग्रुप आदि को इन्सर्ट कर सकते है।

नोटः- वर्ड फाईल में स्मार्ट आर्ट को इन्सर्ट करने पर आपको अन्य विकल्प ‘‘फार्मेट‘‘ और ‘‘स्मार्ट आर्ट डिजाईन /डिजाईन‘‘ मिलेंगे।

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SMARTART DESIGN & FORMAT MENU

i. Chart:-

Insert Smart Art

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में चार्ट जैसे पाई चार्ट, बार चार्ट आदि को इन्सर्ट कर सकते है।

चार्ट इन्सर्ट करने पर आपको एक एक्सेल शीट भी बनी हुई मिलती है, जिसमें चार्ट हेतु डाटा डला होता है।

इसमें अपनी आवश्यकतानुसार डाटा को सेट करकें आप अपने अनुसार चार्ट तैयार कर सकते है।

कार्य करते समय यदि यह डाटा फाईल छिप जाए तब आप ले-आउट विकल्प से इसे पुनः शो कर सकते है।

नोटः- वर्ड फाईल में चार्ट को इन्सर्ट करने पर आपको अन्य विकल्प ‘‘फार्मेट‘‘ व ‘‘चार्ट डिजाईन/ डिजाईन ‘‘ मिलेंगे।

इस विकल्‍प के बारे में जानकारी के लिए विकल्‍प पर क्लिक करें।

CHART DESIGN & FORMAT MENU

Insert Chart

Add-ins (MS Word Insert Menu):-

यह विकल्प एम.एस. वर्ड में विभिन्न कार्यो के लिए कुछ एप तथा टूल एड करने की सुविधा प्रदान करता है,जो ऑनलाईन स्टोर उपलब्ध है।

Media (MS Word Insert Menu):-

इस विकल्प के माध्यम से वर्ड फाईल में ऑनलाईन वीडियों एम्बेड की जा सकती है। इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स  जिसमें आपको ऑनलाईन विडीयों का यू.आर.एल. टाईप करके ओके पर क्लिक करना होगा। आपकी वीडियों वर्ड फाईल में वीडियों एम्बेड हो जाएगी।

Links (MS Word Insert Menu):-

इस विकल्‍प में आपको तीन विकल्‍प मिलते है:-

a. Link:-

इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल में ऑफलाईन (कम्प्यूटर/ लेपटॉप में सेव फाईल) अथवा ऑनलाईन फाईलों को लिंक किया जा सकता है। इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स ओपन होगा, जिसमें निम्न लिखित आवश्यक विकल्प होते हैः-

    1. Existing File or Web Page:- इस विकल्प के द्वारा कम्प्यूटर/लेपटॉप में सेव फाइ्रल को जोडा जा सकता है, अथवा ऑनलाईन फाईल या डॉक्‍यूमेंट या किसी वेब पेज को एड किया जा सकता है।
    2. Place in This Document:- इस विकल्प के द्वारा आप वर्तमान वर्डफाईल के हिस्सो को एड कर सकते है।
    3. Create New Document:- इस विकल्प के द्वारा आप लिंक कर एक नई फाईल बना सकते है।
    4. E-mail Address:- इस विकल्प के द्वारा आप ई-मेल एड्रेस को लिंक कर सकते है।

प्रक्रियाः-

  1. सबसे पहले इन्सर्ट मेन्यू में इस लिंक विकल्प पर क्लिक करें।
  2. इसके बाद एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स ओपन होगा।
  3. इस बॉक्‍स में ‘‘टैक्स्ट टू डिस्प्ले‘‘ में उस टैक्स्ट पर क्लिक करना है, जो आपको दिखाना है।
  4. तथा ‘‘एड्रेस‘‘ में उस डॉक्‍यूमेंट के एड्रेस को टाईप करना है, जिसे लिंक करना है। यह एड्रेस वेब पेज का लिंक या ‘‘ऑनलाईन लिंक‘‘ भी हो सकती है। तथा आपके कम्प्यूटर/लेपटॉप में सेव कोई भी फाईल हो का एड्रेस हो सकता है।

b. Bookmark:-

इस विकल्प के द्वारा आप बुकमार्क को एड कर सकते है।

c. Cross-reference:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्तमान वर्ड फाईल के किसी हेडिंग, टैक्स्ट, टेबल आदि को ऑटोमेटिक एड कर सकते है।

Comments (MS Word Insert Menu):-

कई बार हमें आवश्यकता होती है, कि वर्ड फाईल में बताई गई चीजों के बारे में जानकारी हेतु कमेंट लिखो जाए। इस विकल्प के द्वारा आप कमेंट डाल सकते है।

Header and Footer (MS Word Insert Menu) :-

यह वर्ड फाईल हेतु बहुत ही महत्वपूर्ण टूल है। इसके द्वारा हम पेज में हेडर तथा फुटर डाल सकते है। जैसे हमें कई बार पेज नंबर डालना होता है, यह कार्य इस विकल्प के द्वारा किया जा सकता है, जिसमें पेज नंबर अपने आप बढते जाते हैं हमें हर पेज पर अलग-अलग नंबर डालने की आवश्यकता नहीं होती है।  इस विकल्प पर क्लिक करने पर आपको कुछ विकल्प मिलते है, जिसमें निम्न हैः-

a. Header:-

  1. Edit Header:- इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में हेडर डाल सकते है, तथा उसे एडिट कर सकते है।
  2. Remove Header:- इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल से हेडर को हटा सकते है।

b. Footer:-

  1. Edit Footer:- इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में फुटर डाल सकते है, तथा उसे एडिट कर सकते है।
  2. Remove Footer:- इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल से फुटर को हटा सकते है।

c. Page Number:-

इस विकल्प के द्वारा पेज नंबर डाला जा सकता है।

i. Top of Page:-

इस विकल्प के द्वारा पेज के टॉप पर पेज नंबर डाला जा सकता है। इसमें आपको पहले से बनी हुए लेआउट मिलते है।

ii. Bottom of Page:-

इस विकल्प के द्वारा पेज के बॉटम पर पेज नंबर डाला जा सकता है। इसमें आपको पहले से बनी हुए ले आउट मिलते है।

iii. Page Margin:-

इस विकल्प के द्वारा पेज के मार्जिन पर पेज नंबर डाला जा सकता है। इसमें आपको पहले से बनी हुए ले आउट मिलते है।

iv. Current Position:-

इस विकल्प के द्वारा पेज पर कर्सर की वर्तमान स्थिति पर पेज नंबर डाला जा सकता है। इसमें आपको पहले से बनी हुए ले आउट मिलते है। इस विकल्प के द्वारा यदि आप हेडर अथवा फुटर के अलावा किसी अन्य जगह पर पेज नंबर डालते है तो वह केवल उसी पेज पर नंबर डालता है, अन्य किसी पेज पर नहीं, तथा तब इसके लिए नया विकल्प ‘‘डिजाईन‘‘ भी उपलब्ध नहीं होता है।

v. Format Page Numbers:-

इस विकल्प के द्वारा पेज पर डाले जाने वाले नंबर के फार्मेट को बदला जा सकता है। इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया डॉयलॉग बाक्स ओपन होगा, जिसमें निम्न विकल्प होते हैः-

    1. Number Format:- इस विकल्प के द्वारा नंबर के फार्मेट को बदला जा सकता है, जैसे 1,2,3, … अथवा अ, ब, स, ……आदि
    2. Include Chapter Number:- इस विकल्प के द्वारा आप चेप्टर नंबर दे सकते है, जिसमें चेप्टर फाईल में डाली गई ‘‘हेडिंग्स एच1, एच2,,‘‘ आदि से शुरू होता है।
    3. Page Numbering:-
      1. Continue from previous section:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स पर चेक करने पर नंबर शुरू से प्रारंभ होते है।
      2. Start at:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स को चेक कर आप इसमें अपनी आवश्यकतानुसार नंबर दे सकते है, जिससे पेज नंबर शुरू हो, जैसे 1 नंबर की जगह 5 नंबर से पेज नंबर शुरू हो।

vi. Remove Page Numbers:-

इस विकल्प के द्वारा डाले गए पेज नंबर को रिमूव किया जा सकता है।

नोटः- हेडर एवं फुटर विकल्प के द्वारा हेडर/फुटर/पेज-नंबर डालने पर हेडर/फुटर/पेज-नंबर को स्टाईल एवं डिजाईन करने हेतु एक नया विकल्प ‘‘डिजाईन‘‘ मिलता है। जिसके द्वारा आप हेडर/फुटर/पेज-नंबर को अलग-अलग प्रकार से बदल सकते है, डिजाईन कर सकते है, इसके बारे में विस्तार से बताया गया हैः-

vii. Design:-

इस विकल्प के द्वारा हेडर तथा फुटर को डिजाइन व फार्मेट किया जा सकता हैः-

1. Insert:-

इस विकल्प के द्वारा आप हेडर/फुटर में कई प्रकार की चीजे जैसे तारीख, समय आदि इन्सर्ट कर सकते हैः-

    1. Date & Time:- इस विकल्प के द्वारा आप हेडर/फुटर में कम्प्यूटर/लेपटॉप की वर्तमान दिनांक व समय डाल सकते है।
    2. Document Info:- स विकल्प के द्वारा हेडर/फुटर में कई अलग प्रकार की जानकारी एड की जा सकती है, जैसेः-Author, File Name, File Path, Document Title, Document Property Field vkfnA
    3. Quick Parts:- इस विकल्प के द्वारा हेडर/फुटर में कई जानकारीयां एड की जा सकती है, जो निम्न हैः-
      1. Auto Text:- इस विकल्प के द्वारा ऑटो टेक्स्ट डाला जा सकता है।
      2. Documet Property:- इस विकल्प के द्वारा डाक्यूमेंट प्रॉपर्टी जैसे ऑथर का नाम, कंपनी का नाम, एड्रेस, आदि डाल सकते है।
      3. Field:- स विकल्प के द्वारा कई प्रकार की फील्ड को डाला जा सकता है, जिसके द्वारा इक्वेशन, फार्मुला जैसी महत्वपूर्ण चीजों को एड किया जा सकता है।
      4. Building Blocks Organizer:- इस विकल्प के द्वारा पहले से बने हुए बिल्डिंग ब्‍लॉक्‍स को उपयोग किया जा सकता है,जो कि कवर पेज होते है। इसके द्वारा हम पेज को काफी एट्रेक्टिव बना सकते है।
  1. Pictures:- इस विकल्प के द्वारा हेडर/फुटर में इमेज को इन्सर्ट कर सकते है।
  2. Online Pictures:- इसके द्वारा हेडर/फुटर में ऑनलाईन इमेज को इन्सर्ट कर सकते है।

2. Navigation:-

इस विकल्प के द्वारा हम हेडर तथा फुटर के बीच स्वीच कर सकते हैः-

    1. Go To Header:- यदि आप फुटर पर कार्य कर रहे है तो इस पर क्लिक करके हेडर पर जा सकते है।
    2. Go To Footer:- यदि आप हेडर पर कार्य कर रहे है तो इस पर क्लिक करके फुटर पर जा सकते है।
    3. Previous:- इस विकल्प के द्वारा आप वर्तमान हेडर/फुटर से पिछले वाले हेडर/फुटर पर जा सकते है।
    4. Next:- इस विकल्प के द्वारा आप वर्तमान हेडर/फुटर से अगले वाले हेडर/फुटर पर जा सकते है।

3. Options:-

इस विकल्प के द्वारा आप अलग-अलग पेज के लिए अलग-अलग हेडर/फुटर बना सकते हैः-

    1. Different First Page:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स को चेक करने पर फाईल के पहले पेज का हेडर/फुटर अन्य पेज के हेडर/फुटर से अलग कर सकते है।
    2. Different Odd and Even Page:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स को चेक करने पर फाईल के सम नंबर वाले पेजों का हेडर/फुटर विषम नंबर वाले पेजों के हेडर/फुटर से अलग कर सकते है।
    3. Show Document Text:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स को चेक करने पर हेडर/फुटर पर काम करते समय फाईल के अन्य टैक्स्ट को हाइड किया जा सकता है।

4. Position:-

इस विकल्प के द्वारा हेडर/फुटर हेतु पेज के उपर/नीचे के किनारो से दूरी को सेट कर सकते हैः-

    1. Header from Top:- इस विकल्प के द्वारा हेडर की पेज के टॉप से दूरी को सेट कर सकते है।
    2. Footer from Bottom:- इस विकल्प के द्वारा फुटर की पेज के बॉटम से दूरी को सेट कर सकते है।
    3. Insert Alignment Tab:- इस विकल्प के द्वारा यह सेट किया जा सकता है कि हेडर/फुटर का एलाइंमेंट लेफ्ट, सेंटर या राइट होगा।

5. Close Header and Footer:-

इसके द्वारा हेडर/फुटर को क्लोज किया जा सकता है।

Text (MS Word Insert Menu) :-

इसके द्वारा आप टैक्स्ट बॉक्‍स , वर्ड आर्ट, दिनांक व समय आदि इन्सर्ट कर सकते है। इसमें आपको निम्न विकल्प मिलते हैः-

a. Text Box (MS Word Insert Menu):-

इस विकल्प के द्वारा एक टैक्स्ट बॉक्‍स वर्ड फाईल में इन्सर्ट कर सकते है, इसमें आप पहले से बने हुए टैक्स्ट बॉक्‍स  भी इन्सर्ट कर सकते है, इसके अलावा निम्न विकल्प मिलते हैः-

    1. Draw Text Box:- इस विकल्प के द्वारा टैक्स्ट बॉक्‍स  को ड्रा कर सकते है।
    2. Save Selection to Text Box Gallery:- इस विकल्प के द्वारा आपके द्वारा बनाए गए टैक्स्ट बॉक्‍स को टैक्स्ट बॉक्‍स  गैलरी मे सेव कर सकते है।

नोटः- वर्ड फाईल में टैक्‍स्‍ट बॉक्‍स को इन्सर्ट करने पर आपको अन्य विकल्प ‘‘फार्मेट‘‘ मिलेंगे। इस विकल्‍प के बारे में जानकारी के लिए विकल्‍प पर क्लिक करें।

TEXT-BOX FORMAT MENU

Insert Textbox

b. Drop Cap:-

इस विकल्प के द्वारा टैक्स्ट में ड्रॉप केप डाल सकते है, जिसमें पैराग्राफ का पहला अक्षर अन्य अक्षरों की तुलना में बडा होता है। इसमें आपको कई विकल्प मिलते हैः-

    1. Position:- इसके द्वारा ड्रॉप केप की पोजिशन को सेट किया जा सकता हैः-
      1. None:- इस विकल्प को चुनने पर ड्रॉप केप हट जाता है।
      2. Dropped:- इस विकल्प के द्वारा ड्रॉप केप पैराग्राफ की कुछ लाईन तक रहता है, तथा कुछ लाईन के बाद टैक्स्ट ड्रॉप केप के नीचे आने लगता है।
      3. In Margin:- इस विकल्प के द्वारा ड्रॉप केप के नीचे कोई टैक्स्ट नहीं आता है।
    2. Option:-
      1. Font:- इसके द्वारा टैक्स्ट के फांट को बदला जा सकता है।
      2. Lines of Drop:- इसके द्वारा सेट किया जा सकता है, कि ड्रॉप केप को कितनी लाईन तक रखना है।
      3. Distance from Text:- इसके द्वारा ड्रॉप केप की अन्य टैक्स्ट से दूरी को सेट किया जाता है।

c. Add a Signature (MS Word Insert Menu Digital Signature):-

इस विकल्प के द्वारा आप अपना डिजीटल सिग्नेचर वर्ड फाईल में एड कर सकते है।

d. Date and Time:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में तारीख व दिनांक डाल सकते है।

e. Object:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में दूसरी फाईल तथा उसके डेटा को एड कर सकते है। इसमें दो विकल्प मिलते हैः-

    1. Object:- इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में अन्य फाईल जैसे कोई दूसरी वर्ड फाईल, एक्सेल फाईल, पॉवर पोइंट फाईल आदि एड कर सकते है।
    2. Text from file:- इस विकल्प के द्वारा आप किसी दूसरी फाईल के टैक्स्ट को वर्तमान वर्ड फाईल में एड कर सकते है।

f. Word Art (MS Word Insert Menu) :-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड आर्ट इन्सर्ट कर सकते है, अर्थात डिजाइनर टैक्स्ट इन्सर्ट कर सकते है।

नोटः- वर्ड फाईल में टैक्स्ट बॉक्‍स अथवा वर्ड आर्ट को इन्सर्ट करने पर आपको अन्य विकल्प ‘‘फार्मेट‘‘ मिलेगा। इस विकल्‍प के बारे में जानकारी के लिए विकल्‍प पर क्लिक करें।

WORD-ART FORMAT MENU

Insert WordArt
Symbols:-

 इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में मैथ्स की इक्वेशन तथा स्पेशल केरेक्टर डाल सकते हैः-

a. Symbol/Special Character (MS Word Insert Menu):-

इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल में की-बोर्ड द्वारा टाईप केरेक्टर के साथ ही स्पेशल केरेक्टर भी वर्ड फाइ्रल में इन्सर्ट कर सकते है।

b. Equation (MS Word Insert Menu):-

इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाइ्रल में मैथ्स की इक्वेशन को इन्सर्ट किया जा सकता है, इसमें पहले से बनी हुई इक्वेशन का उपयोग भी किया जा सकता है, इसके अलावा निम्न विकल्प मिलते हैः-

Insert Equation

i. Ink Equation:-

इस विकल्प के द्वारा आप अपने माउस से इक्वेशन को ड्रा कर सकते है अथवा लिख सकते है। इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक डॉयलॉग बॉक्‍स ओपन होगा, जिसमें निम्न विकल्प होते हैः-

    1. Write:- इस विकल्प पर क्लिक करने पर माउस का कर्सर एक पेंसिल की तरह बन जाता है, जिसके द्वारा आप इस डॉयलॉग बॉक्‍स में इक्वेशन ड्रा कर सकते है।
    2. Erase:- इस विकल्प के द्वारा इक्वेशन को इरेज कर सकते है या मिटा सकते है।
    3. Select and Correct:- इस विकल्प के द्वारा के द्वारा ड्रा की गई इक्वेशन को सेलेक्ट करके उसे करेक्ट किया जा सकता है।
    4. Clear:- इस विकल्प के द्वारा ड्रा की गई इक्वेशन को हटाया जा सकता है।

ii. Insert New Equation:-

इस विकल्प पर क्लिक करने पर आपकी वर्ड फाईल में एक इक्वेशन बॉक्‍स इन्‍सर्ट हो जाता है, तथा एक नया विकल्प ‘‘डिजाइन‘‘ दिखाई देता है, जिसकी मदद से आप इक्वेशन बना सकते है। इसके बारे में नीचे विस्ताार से बताया गया हैः-

Design:– इस विकल्प की मदद से आप मैथ्स की सभी इक्वेशन को बना सकते है, इसमें अपको निम्न विकल्प मिलते हैः-

      1. Tools:- इस विकल्प के द्वारा पहले से बनी हुई इक्वेशन को इक्वेशन बॉक्‍स में इन्सर्ट किया जा सकता है अथवा इंक इक्वेशन द्वारा ड्रा करके इन्सर्ट किया जा सकता है।
      2. Conversion:- इस विकल्प के द्वारा टैक्स्ट को यूनीकोड आदि प्रकार में कन्वर्ट किया जा सकता है।
      3. Symbols:- इस विकल्प के द्वारा इक्वेशन के लिए अलग-अलग सिंबल का उपयोग किया जा सकता है।
      4. Structure:- इसके द्वारा इक्वेशन हेतु अलग-अलग स्ट्रक्चर जैसे मेट्रिक्स, फ्रेक्शन, इंटीग्रल, ब्रेकेट, फंक्शन आदि को इक्वेशन में इन्सर्ट कर सकते है।

एम.एस. वर्ड के सभी मेन्‍यू के बारे में जानने के लिए नीचे क्लिक करें:-

MS Word Design Menu की हिन्‍दी में पूरी जानकारी

MS Word Design Menu के द्वारा आप वर्ड फाईल को विभिन्न प्रकार से डिजाईन कर सकते है। पहले से बनी हुई डिजाईन का उपयोग कर सकते है।

इसमें निम्नलिखित मेन्यू होते हैः-

1. Document Formatting (MS Word Design Menu):-

इसके अंतर्गत टैक्स्ट को अलग-अलग तरह से स्टाईल किया जा सकता है, अलग-अलग कलर दिया जा सकता है। इसमें टैक्स्ट को डिजाईन करने के लिए निम्न लिखित विकल्प होते हैः-

a. Themes :- इसके द्वारा आप वर्ड फाईल में दी गई विभिन्न Themes में से कोई भी Themes उपयोग कर सकते है।

b. Colors :- इस विकल्प के द्वारा थीम में उपयोग होने वाले कलर को बदला जा सकता है।

c. Fonts:- इसके द्वारा थीम में उपयोग होने वाला फांट को बदल सकते है।

d. Paragraph Spacing:- इसके द्वारा आप टैक्स्ट/पैराग्राफ के बीच के स्पेस को कम ज्यादा कर सकते है। इसमें आपको No Paragraph Space, Compact, Tight, Open, Relaxed, Double, Custom Paragraph Spacing आदि विकल्प मिलते है, जिससे आप स्पेस को अपनी आवश्यकतानुसार बदल सकते है।

e. Effects :- इसके द्वारा आप विभिन्न प्रकार के टैक्स्ट इफेक्ट का उपयोग कर सकते है।

f. Set as Default :- इसके द्वारा आप वर्तमान उपयोग की जा रही थीम को डिफाल्ट थीम बना सकते है।

MS Word Design Menu की Image:-

MS Word Design Menu
2. Page Background (MS Word Design Menu Important):-

इस विकल्प के माध्यम से आप वर्ड फाईल में पेज के Background को अलग-अलग तरह से डिजाईन कर सकते है। जैसे Watermark, Page Color, Page Border आदि।

a. Watermark :-

यह विकल्प बहुत ही महत्वपूर्ण है। वर्ड फाईल में कार्य करते समय कई बार हमें बेकग्राउण्ड में वाटरमार्क अर्थात कोई Transparent शब्द अथवा वाक्य या कोई फोटो जो हमारे टाईप किए हुए टैक्स्ट के पीछे दिखाई दे, को लगाने की आवश्यकता पढती है। इस विकल्प के माध्यम से आपक यह कार्य आसानी से कर सकते है।

जैसे आपका अपनी वर्ड फाईल के बेकग्राउण्ड में लिखना हो:- Do Not Copy

इस के द्वारा पहले से बने हुए वाटर मार्क का उपयोग कर सकते है, अथवा अपनी आवश्यकतानुसार वाटर मार्क बना सकते है।

i.Custom Watermark :-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी आवश्यकतानुसार वाटर मार्क बना सकते है। इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक नई विंडो ओपन होगीः-

No Watermark :-

यह विकल्प पहले से ही चुना हुआ होता है, इस पर क्लिक करने पर वाटरमार्क हट जाता है।

Picture Watermark :-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल के बैकग्राउण्ड में Picture डाल सकते है। इसमें आपको निम्न विकल्प मिलेंगे:-

Select Picture:- इस विकल्प के द्वारा आप पिक्चर को सेलेक्ट कर सकते है।

Scale:- इस विकल्प के द्वारा आप लगाई जाने वाली पिक्चर के साईज को बदल सकते है।

Washout :- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स  को चेक करने पर पिक्चर की Transparency कम हो जाती है।

Text Watermark :-

इस विकल्प के द्वारा आप वार्टर मार्क के लिए कोई भी टैक्स्ट का उपयोग कर सकते है। इस विकल्प को चुनने पर निम्न विकल्प मिलते हैः-

Language :- इस विकल्प के द्वारा आप टैक्स्ट हेतु भाषा का चयन कर सकते है, जैसे हिन्दी, English अथवा ओर कोई।

Text :- इसमें आप अपनी आवश्यकतानुसार टैक्स्ट टाईप कर सकते है, जो आपको वाटरमार्क में लगाना है।

Font :- इसके द्वारा टैक्स्ट का फांट बदल सकते है।

Size :- इसके द्वारा टैक्स्ट/फांट का साईज कम-ज्यादा कर सकते है।

Color :- इस विकल्प के द्वारा आप टैक्स्ट का कलर बदल सकते है।

Semitransparent :- इसके विकल्प के चेक बॉक्‍स  को चेक करने पर टैक्स्ट Semitransparent हो जाता है, तथा हटाने पर टैक्स्ट ठीक से दिखाई देता है।

Layout :- इस विकल्प के द्वारा वाटरमार्क के टैक्स्ट की दिशा बदल सकते है, इसमें दो विकल्प होते हैः-

Diagonal :- इस विकल्प के रेडियो बटन पर क्लिक करने पर टैक्स्ट Diagonal अर्थात एक कोने से दूसरे कोने की ओर दिखाई देता है।

Horizontal :- इस विकल्प के रेडियो बटन पर क्लिक करने पर टैक्स्ट Horizontal अर्थात आडी रेखा की तरह दिखाई देता है।

सभी जानकारीयां भरने के बाद OK अथवा Apply पर क्लिक करें।

ii. Remove Watermark :-

इसके द्वारा आप लगाए गए वाटर मार्क को हटा सकते है।

b. Page Color :-

इसके द्वारा आप पेज के बेकग्राउंड में कलर डाल सकते है।

c. Page Border :-

इस विकल्प के माध्यम से आप वर्ड फाईल के पूरे पेज पर बॉर्डर डाल सकते है।

    1. None:- इस विकल्प को चुनने पर सभी लगाई गई बॉर्डर हट जाती है।
    2. Box:- इस विकल्प के माध्यम से बॉक्‍स जैसी बॉर्डर लगाई जा सकती है, जिसमें बॉर्डर सीधी लाईन की तरह होती है, तथा उसमें कोई (Shadow) परछाई नहीं होती है।
    3. Shadow:- इस विकल्प को चुनने पर बॉर्डर के आसपास एक (Shadow) परछाई भी आती है।
    4. 3-D:- इसके द्वारा बॉर्डर को 3-डी बनाया जा सकता है।
    5. Custom:- इसके द्वारा कस्टम बॉर्डर बनाई जा सकती है, जिसमें आवश्यकतानुसार बदलाव किए जा सकते है।
    6. Style:- इस विकल्प में आपको बॉर्डर हेतु अलग-अलग स्टाईल मिलते है, जैसे बिंदु वाली बॉर्डर, सीधी लाईन वाली बॉर्डर, कटी लाईन वाली बॉर्डर, डार्क लाईन वाली बॉर्डर, दो अथवा तीन लाईन वाली बॉर्डर। इनमें से आप अपनी आवश्यकतानुसार बॉर्डर स्टाईल को चुन सकते है।
    7. Color:- इस विकल्प के माध्यम से आप बॉर्डर को अलग-अलग कलर दे सकते है।
    8. Width:- इस विकल्प के द्वारा आप बॉर्डर की मोटाई को कम-ज्यादा कर सकते है।
    9. Art:- इस विकल्प के द्वारा आप पहले से उपलब्ध विभिन्न प्रकार की आर्ट वाली बॉर्डर लगा सकते है, जैसे फूलो वाली बॉर्डर या कोई डिजाइन वाली बॉर्डर।
    10. Preview:- इसमें आपको उपर दिए गए विकल्पों में से किसी को चुनने पर बॉर्डर में क्या बदलाव आएगा, यह दिखाया जाता है।

नोटः- साथ ही इसके बॉक्‍स में आपको 4 छोट-छोटे बॉक्‍स भी दिखाई देते है, जो चारो बॉर्डर Top, Bottom, Left, Right को दर्शाते है, यदि आप केवल उपर और नीचे बॉर्डर लगाना चाहते है तो अन्य दो विकल्प पर क्लिक करके बाकि बॉर्डर को हटा सकते है। इसमें चाहे तो आप केवल एक बॉक्‍स को सेलेक्ट कर सकते है अथवा दो, तीन अथवा चारों को सेलेक्ट कर सकते है।

Apply to:-

इसमें आपको चार विकल्प मिलते हैः-

    1. Whole Document:- इस विकल्प के द्वारा आप पूरी वर्ड फाईल के हर पेज में बॉर्डर लगा सकते है।
    2. This Section:- इस विकल्प के द्वारा भी पूरी वर्ड फाईल के हर पेज में बॉर्डर लगाई जाती है।
    3. This Section- First Page Only:- इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल के केवल पहले पेज में बॉर्डर लगाई जाती है।
    4. This Section-All Except First Page:- इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल के पहले पेज को छोडकर बाकि सभी पेज में बॉर्डर लगाई जाती है।

Option:-

इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स ओपन होगा, जिसमें आपको निम्न विकल्प मिलेंगे।

    1. Margin:- बॉर्डर लाइनों को पेज के किनारो Edges अथवा टैक्स्ट से कितनी दूरी पर होना चाहिए, यह निर्धारित कर सकते है। इसमें आपको चार Top, Bottom, Left, Right विकल्प मिलते है, जिनमें अपनी आवश्यकतानुसार बदलाव कर सकते है।

Measure From:- इसमें आपको दो विकल्प मिलते है, पहला

Text :- इस विकल्प को चुनने पर उपर दिए गए विकल्प Margin में बदलाव करने पर पेज बॉर्डर दूरी की गणना टैक्स्ट से करता है, कि बॉर्डर टैक्स्ट से कितनी दूरी पर है।

Edge of Page :- इस विकल्प को चुनने पर उपर दिए गए विकल्प Margin में बदलाव करने पर पेज बॉर्डर दूरी की गणना पेज के किनारो Edges से करता है, कि बॉर्डर पेज के किनारो Edges से कितनी दूरी पर है।

Check-Box (Option):-

इसमें आपको चार चेक बॉक्‍स मिलते है:-

Align Paragraph borders and table edges with page border :-

इस विकल्प के चेक बॉक्‍स को क्लिक करने पर आपकी वर्ड फाईल में उपलब्ध पैराग्राफ की बॉर्डर, यदि टेबल बनाई है तो उसकी बॉर्डर तथा पेज बॉर्डर सभी एक साथ Align हो जाती है।

यह विकल्प तभी कार्य करता है, जब उपर बताए गए विकल्प Measure From में Text चुना हो।

Surround Header:- यदि आपने अपनी वर्ड फाईल में Header डाला है, तथा यदि आप Header को भी बॉर्डर के अंदर लाना चाहते है, तो इस विकल्प को चेकबॉक्‍स को चेक करें।

इस विकल्प मे बदलाव तभी किया जा सकता है,

जब उपर बताए गए विकल्प Measure From में Text चुना हो।

Surround Footer:-  यदि आपने अपनी वर्ड फाईल में Footer डाला है, तथा यदि आप Footer को भी बॉर्डर के अंदर लाना चाहते है, तो इस विकल्प को चेकबॉक्‍स को चेक करें।

इस विकल्प मे बदलाव तभी किया जा सकता है,

जब उपर बताए गए विकल्प Measure From में Text चुना हो।

Always display in front:- इस विकल्प का चेकबॉक्‍स सामान्यतः चेक ही रहता है, जिससे आपकी पेज बॉर्डर हमेशा सामने दिखे। यदि आपकी वर्ड फाईल में कोई ऑब्‍जेक्‍ट  जैसे फोटो या कोई शेप है तो बॉर्डर उसके उपर दिखाई देगी।

इस विकल्प को हटाने पर बॉर्डर ऑब्‍जेक्‍ट  के नीचे दब जायेगी।

इसके चेकबॉक्‍स को चेक ही रहने दे।

MS Word Layout Menu की पूरी जानकारी।

MS Word Layout Menu के द्वारा आप टैक्स्ट को विभिन्न प्रकार से व्यवस्थित कर सकते है।

इस मेन्यू में आपको निम्नलिखित विकल्प मिलते हैः-

Page Setup (MS Word Layout Menu):-

इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल के पेजो का सेटअप कर सकते है, इसके लिए निम्न विकल्प उपलब्ध होते हैः-

नोट:- इस विकल्‍प के डॉयलॉग बॉक्‍स को ओपन करने के लिए इस विकल्‍प के दांए कोने पर नीचे एक छोटा सा एरो दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।

1) Margins:-

इस विकल्प के द्वारा पेज के मार्जिन को सेट किया जा सकता है, इसके लिए निम्न विकल्प होते हैः-

i. Margins:-

इसमें आपको पेज के मार्जिन सेट करने के लिए विकल्प मिलते है।

वर्ड फाईल में टैक्स्ट तथा ऑब्‍जेक्‍ट को पेज के Top, Bottom, Left, Right किनारों (Edges) से कितनी दूरी पर रखना है,

इस दूरी को मार्जिन (Margin)  कहते है। इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

  1. Top:- इसके द्वारा पेज के Top से दूरी को कम-ज्यादा कर सकते है।
  2. Bottom:- इसके द्वारा पेज के Bottom से दूरी को कम-ज्यादा कर सकते है।
  3. Left:- इसके द्वारा पेज के Left से दूरी को कम-ज्यादा कर सकते है।
  4. Right:- इसके द्वारा पेज के Right से दूरी को कम-ज्यादा कर सकते है।
  5. Gutter:- इस विकल्प के द्वारा आप मार्जिक के बाद भी यदि स्पेस देना चाहते है, तो इस विकल्प में वेल्यू डालते है।
  6. Gutter Possition:- इस विकल्प के द्वारा Gutter की को डिफाईन किया जाता है, अर्थात किस मार्जिन से Gutter द्वारा स्पेस देना है। इस विकल्प में दो ही विकल्प मिलते है, पेज के Top में स्पेस देने हेतु Top तथा Left में स्पेस देने हेतु Left

MS Word Layout Menu की image:-

layout menu
ii. Orientation:-

इस विकल्प के द्वारा आप यह सेट कर सकते है, कि वर्ड फाईल के पेज का आरिएंटेशन बदल सकते है।

इस विकल्प में आपको पेज के लिए दो Orientation मिलते हैः-

    1. Portrait:- इस विकल्प के द्वारा आप पेज को Verticle रूप में सेट कर सकते है, जिसकी Height, Width से अधिक होती है।
    2. Landscape:- इस विकल्प के द्वारा आप पेज को Horizontal रूप में सेट कर सकते है, जिसकी Width, Height से अधिक होती है।

iii. Pages:-

इस विकल्प के द्वारा आप एक शीट पर यदि एक से अधिक पेज दिखाना चाहते है,

अथवा वर्ड फाईल को बुक की तरह व्यवस्थित करना चाहते है,

तो इस विकल्प के माध्यम से कर सकते है।

यह विकल्प वर्ड फाईल को प्रिंट करने के लिए पेज की सेटिंग के लिए उपयोग होता है। इसमें चार विकल्प होते हैः-

    1. Normal:- यह वर्ड फाईल का डिफाल्ट विकल्प होता है, जिसमें सभी पेज सामान्य होते है।
    2. Mirror Margins:- इस विकल्प को चुनने पर पेज एक अपने से पहले पेज की मार्जिन का मिरर होता है।
    3. 2 Pages per sheet:- इसमें एक शीट पर दो पेज को सेट किया जा सकता है।
    4. Book Fold:- यह सबसे ज्यादा उपयोगी विकल्प है। जब हमें अपने वर्ड फाईल को प्रिंट कर एक बुक की तरह व्यवस्थित करना हो तो हम इस विकल्प का उपयोग करते है।

बुक में पहले पेज में Left  साइड में मार्जिन Space दिया जाता है तथा पीछे वाले पेज में Right में मार्जिन Space  दिया जाता है। इसे ही बुक फोल्ड पेज सेटअप कहते है।

iv. Preview:-

इसमें आपको उपर दिए गए विकल्पों का उपयोग करने पर प्रिव्यू दिखाई देगा।

v. Apply to:-

इस विकल्प के द्वारा आप यह सेट कर सकते है, कि उपर के विकल्पों द्वारा सेट की गई वेल्यू को वर्ड फाईल के किन पेजों पर एप्लाय करना है, यह सेट किया जा सकता है।

इसमें दो विकल्प होते हैः-

    1. Whole Document:- इस विकल्प के द्वारा सेटिंग पूरी वर्ड फाईल के लिए लागू हो जाती है।
    2. This Point Forward:- इस विकल्प के द्वारा सेटिंग वर्ड फाईल में कर्सर के वर्तमान स्थाने से आगे के पेजों पर एप्लाई होती है।

vi. Set As Default:-

इस विकल्प के द्वारा उपर की गई सेटिंग को डिफाल्ड सेटिंग बना सकते है।

2) Paper (MS Word Layout Menu):-

इस विकल्प का उपयोग वर्ड फाईल को प्रिंट करने के लिए पेज को सेट करने के लिए किया जाता है।

इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

    1. Page Size:- इस विकल्प के द्वारा आप पेज का साइज सेट कर सकते है। जैसे A4, A3, A5, Legal, Letter आदि।

इसके अलावा भी आप अपनी आवश्यकतानुसार पेज की लंबाई-चौडाई Width, Height को विकल्प के द्वारा सेट कर सकते है।

  1. Paper Source:- इस विकल्प का उपयोग तब किया जा सकता है, जब आपके कम्प्यूटर/लेपटॉप में प्रिंटर जुडा हो। इस विकल्प के माध्यम से आप प्रिंटर में पेज सोर्स को सेट कर सकते है।
  2. Apply to:- इस विकल्प के द्वारा आप यह सेट कर सकते है, कि उपर के विकल्पों द्वारा सेट की गई वेल्यू को वर्ड फाईल के किन पेजों पर एप्लाय करना है, यह सेट किया जा सकता है। इसमें दो विकल्प होते हैः-
    1. Whole Document:- इस विकल्प के द्वारा सेटिंग पूरी वर्ड फाईल के लिए लागू हो जाती है।
    2. This Point Forward:- इस विकल्प के द्वारा सेटिंग वर्ड फाईल में कर्सर के वर्तमान स्थान से आगे के पेजों पर एप्लाई होती है।

3. Set As Default:- इस विकल्प के द्वारा उपर की गई सेटिंग को डिफाल्ड सेटिंग बना सकते है।

4. Print Option:- इस विकल्प का उपयोग कर आप वर्ड फाईल को प्रिंट करने से संबंधित कार्य कर सकते है।

3) Layout:-

इस विकल्प में आप वर्ड फाईल पेज में हेडर-फुटर की पेज के किनारों से दूरी तथा उनकी स्थिति को सेट कर सकते है।

इसमें आपको निम्न विकल्प मिलते हैः-

    1. Different odd and Even:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स को चेक करने पर आप वर्ड फाईल के odd नंबर वाले पेज के लिए अलग Header-Footer तथा Even नंबर वाले पेज के लिए अलग Header-Footer  सेट कर सकते है।
    2. Different First Page:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स को चेक करने पर आप वर्ड फाइ्रल के पहले पेज के लिए अलग Header-Footer  सेट कर सकते है।
    3. From Edge:-
      1. Header:- इस विकल्प में वेल्यू को कम-ज्यादा करके आप पेज के किनारे से हेडर की दूरी को बदल सकते है।
      2. Footer:- इस विकल्प में वेल्यू को कम-ज्यादा करके आप पेज के किनारे से फुटर की दूरी को बदल सकते है।

4) Page (Verticle Alignment):-

इस विकल्प के द्वारा आप पेज में टैक्स्ट अथवा ऑब्‍जेक्‍ट   को वर्टिकल एलाइंमेंट कर सकते है,

इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

  1. Top:- इस विकल्प को चुनने पर टैक्स्ट पेज में उपर के किनारे के पास रहेगा।
  2. Center:- इस विकल्प को चुनने पर टैक्स्ट पेज में सेंटर पर रहेगा।
  3. Justify:- इसे चुनने पर टैक्स्ट पेज के उपर तथा नीचे के किनारों से बराबर दूरी पर होगा।
  4. Bottom:- इस विकल्प को चुनने पर टैक्स्ट पेज के नीचे के किनारे के पास होगा।
  5. Preview:- इसमें आपको उपर दिए गए विकल्पों का उपयोग करने पर प्रिव्यू दिखाई देगा।
  6. Apply to:- इस विकल्प के द्वारा आप यह सेट कर सकते है, कि उपर के विकल्पों द्वारा सेट की गई वेल्यू को वर्ड फाईल के किन पेजों पर एप्लाय करना है, यह सेट किया जा सकता है। इसमें दो विकल्प होते हैः-
    1. Whole Document:- इस विकल्प के द्वारा सेटिंग पूरी वर्ड फाईल के लिए लागू हो जाती है।
    2. This Point Forward:- इस विकल्प के द्वारा सेटिंग वर्ड फाईल में कर्सर के वर्तमान स्थान से आगे के पेजों पर एप्लाई होती है।

7. Set As Default:- इस विकल्प के द्वारा उपर की गई सेटिंग को डिफाल्ड सेटिंग बना सकते है।

Line Numbers:-

इस विकल्प के माध्यम से आप अपनी वर्ड फाईल में टैक्स्ट में लाईन नंबर डाल सकते है, इस विकल्प को चुनने पर आपको एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स दिखाई देगा, इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

    1. Add Line Numbering:- इस चेक बॉक्‍स को चेक करने पर आगे के सारे विकल्प उपयोग किए जा सकते है। इस विकल्प को चेक करने पर ही वर्ड फाईल में लाईन नंबर डाला जा सकता है।
    2. Start at:- इसमें आपको नंबर डालना होता है, जिस नंबर से आप लाईन नंबर शुरू करना चाहते है। जैसे 1 से या 5 से।
    3. From Text:- इस विकल्प के द्वारा लाईन नंबर को टैक्स्ट से कितनी दूर दिखाना है, सेट किया जाता है।
    4. Count by:- इसमें आप यह सेट कर सकते है, कि दो लाईन के नंबरो में कितना अंतर होगा।

जैसे यदि आप इसमें 1 वेल्यू देते है तो पहली लाईन का नंबर 1 होगा व दूसरी लाईन का नंबर 2 होगा अर्थात लाईन नंबर में 1 का अंतर होगा।

यदि आप इसमें 3 वेल्यू देते है तो पहली लाईन का नंबर 1 होगा व दूसरी लाईन का नंबर 4 होगा अर्थात लाईन नंबर में 3 का अंतर होगा।

  1. Numbering:- इस विकल्प के द्वारा लाईन नंबर कहां से शुरू करना है सेट किया जाता है। इसमें तीन विकल्प होते है।
    1. Restart each page:- इससे चुनने पर हर पेज में लाईन नंबर 1 से शुरू होगा।
    2. Restart each section:- इससे चुनने पर हर सेक्सन में लाईन नंबर 1 से शुरू होगा।
    3. Continuous:- इससे चुनने पर पूरी वर्ड फाईल में पहली लाईन नंबर एक सीरीज में होगा, अर्थात किसी भी पेज में फिर से लाईन नंबर 1 से शुरू नहीं होगा। अर्थात 1, 2, 3, 4……….

5) Columns:-

यह विकल्प वर्ड फाईल के टैक्स्ट को व्यवस्थित करने तथा वर्ड फाईल को प्रिंट करने हेतु बहुत ही महत्वपूर्ण है।

सामान्यतः हम बुक तथा पेपर में देखते है, कि टैक्स्ट दो या तीन कॉलम  में लिखा होता है।

इस विकल्प के द्वारा  आप टैक्स्ट को अपनी आवश्यकतानुसार कॉलम  में विभाजित कर सकते है। इसमें निम्नलिखित विकल्प होते हैः-

i. Parests:-

इस विकल्प में टैक्स्ट को कॉलम में सेट करने के लिए पहले से ही कुछ विकल्प दिए होते है, जिनका उपयोग हम कर सकते हैः-

    1. One:- इसे चुनने पर टैक्स्ट केवल एक कॉलम में सेट होगा।
    2. Two:- इसे चुनने पर टैक्स्ट दो कॉलम में सेट होगा।
    3. Three:- इसे चुनने पर टैक्स्ट तीन कॉलम में सेट होगा।
    4. Left:- इस विकल्प को चुनने पर पेज में बांया कॉलम दाएं कॉलम  की तुलना में छोटा होता है।
    5. Right:- इस विकल्प को चुनने पर पेज में बांया कॉलम दाएं कॉलम  की तुलना में बडा होता है।

ii. Number of columns:-

उपर दिए गए विकल्पों के अलावा यदि आपको ओर अधिक कॉलम  की आवश्यकता हो तो आप इस विकल्प में कॉलम  के नंबर देकर कॉलम  बना सकते है।

iii. Line between:-

यदि आप चाहते है, कि कॉलम  के बीच एक वर्टिकल लाईन आए तो इस चेक बॉक्‍स  को चेक करें।

iv. Width and Spacing:-

इस विकल्प के द्वारा आप कॉलम  की चैड़ाई तथा उनके बीच के स्पेस को कम-ज्यादा कर सकते है। साथ ही अलग-अलग कॉलम  की चौडाई को अलग-अलग सेट कर सकते है।

v. Equal Column Width:-

 यदि आप चाहते है कि सभी कॉलमों की चौडाई बराबर हो तो इस चेक बॉक्‍स  को चेक करें।

vi. Preview:-

इसमें आपको उपर दिए गए विकल्पों का उपयोग करने पर प्रिव्यू दिखाई देगा।

vii. Apply to:-

इस विकल्प के द्वारा आप यह सेट कर सकते है, कि उपर के विकल्पों द्वारा सेट की गई वेल्यू को वर्ड फाईल के किन पेजों पर एप्लाय करना है,

यह सेट किया जा सकता है। इसमें दो विकल्प होते हैः-

    1. Whole Document:- इस विकल्प के द्वारा सेटिंग पूरी वर्ड फाईल के लिए लागू हो जाती है।
    2. This Point Forward:- इस विकल्प के द्वारा सेटिंग वर्ड फाईल में कर्सर के वर्तमान स्थान से आगे के पेजों पर एप्लाई होती है।

6) Breaks (MS Word Layout Menu):-

इस विकल्प के द्वारा आप पेज तथा सेक्सन को ब्रेक कर सकते है, इस विकल्प में आपको नए विकल्प मिलेंगेः-

    1. Page Breaks:- इस विकल्प के द्वारा पेज को ब्रेक किया जा सकता है, अर्थात कर्सर के बाद नया पेज बनाया जा सकता है।
      1. Page:- इस विकल्प के द्वारा आप वर्तमान कर्सर की स्थान से पेज को ब्रेक कर नया पेज बना सकते है।
      2. Column:- इस विकल्प के द्वारा आप कर्सर की वर्तमान स्थान से नया कॉलम बना सकते है।
      3. Text Wrapping:- यदि आपकी वर्ड फाईल में कोई ऑब्‍जेक्‍ट  जैसे कोई शेप या इमेज उपयोग की है तो इस विकल्प के द्वारा आप टैक्स्ट को ऑब्‍जेक्‍ट   के अनुसार व्यवस्थित कर सकते है।
    2. Section Breaks:- इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल में नया सेक्सन बना सकते है।
      1. Next Page:- इस विकल्प के द्वारा नया सेक्सन अगले पेज पर से शुरू होता है।
      2. Continuous:- इस विकल्प के द्वारा नया सेक्सन उसी पर से शुरू होता है।
      3. Even Page:- इस विकल्प के द्वारा नया सेक्सन अगले सम नंबर के पेज पर से शुरू होता है।
      4. Odd Page:- इस विकल्प के द्वारा नया सेक्सन अगले विषम नंबर के पेज पर से शुरू होता है।

7) Hyphenation (MS Word Layout Menu):-

वर्ड फाईल में टाईपिंग कार्य करते समय कई बार लाईन के अंत में कोई बडा शब्द आ जाता है, जो बचे हुए स्पेस में नहीं आ सकता है, तो पूरा वर्ड अगली लाईन में आ जाता है।

इस विकल्प के द्वारा आप उस वर्ड को हाईफन के द्वारा अलग कर सकते है, जिससे शब्द का कुछ हिस्सा लाईन के अंत में बचे हुए स्पेस में आ जाता है

तथा शेष शब्द दूसरी लाईन में आ जाता है, तथा पूरा शब्द जहां से अलग होता है,वहां हाइफन (-) आ जाता है।

जैसे Hyphenation की जगह Hyphe-nation हो जाता है।

Paragraph (MS Word Layout Menu):-

इस विकल्प के द्वारा आप पैराग्राफ के टैक्स्ट के इंडेंट तथा स्पेस को बदल सकते है।

इसमें आपको निम्न विल्पि मिलते हैः-

नोट:- इस विकल्‍प के डॉयलॉग बॉक्‍स को ओपन करने के लिए इस विकल्‍प के दांए कोने पर नीचे एक छोटा सा एरो दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।

  1. Indent/Indentaion:- इस विकल्प के द्वारा पैराग्राफ/टैक्स्ट को पेज के दाएं तथा बाएं किनारो से दूरी को सेट कर सकते है, इसमें निम्न विकल्पप होते हैः-
    1. Left:- इसके द्वारा पेज के बाएं किनारे से टैक्स्ट के स्पेस को सेट कर सकते है।
    2. Right:- इसके द्वारा पेज के दाएं किनारे से टैक्स्ट के स्पेस को सेट कर सकते है।

2. Spacing:-

    1. Before:- इसके द्वारा पेज के उपर के किनारे से टैक्स्ट के स्पेस सेट कर सकते है।
    2. After:- इसके द्वारा पेज के नीचे के किनारे से टैक्स्ट के स्पेस सेट कर सकते है।

3. Tabs:- इस विकल्प के द्वारा आप की-बोर्ड की Tab Key द्वारा दिए जाने वाले स्पेस को कम-ज्यादा कर सकते है।

Arrange (MS Word Layout Menu) :-

यदि आप अपनी वर्ड फाईल में ऑब्‍जेक्‍ट  जैसे कोई शेप या इमेज का उपयोग किया है,

जो इस विकल्प के द्वारा  आप ऑब्‍जेक्‍ट  तथा टैक्स्ट को साथ-साथ व्यवस्थित कर सकते है। इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

1. Position:-

ऑब्‍जेक्‍ट को पेज में किस पॉजिशन  दांयी ओर, बांयी ओर, उपर, नीचे, सेंटर में रखना है, यइ इस विकल्प के माध्यम से सेट किया जा सकता है।

2. Wrap Text:-

इस विकल्प के माध्यम से ऑब्‍जेक्‍ट तथा टैक्स्ट को एक साथ व्यवस्थित किया जाता है।

ऑब्‍जेक्‍ट को टैक्स्ट के पहले सेट करना, अथवा बाद में आदि। इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

    1. In Line With Text:- इस विकल्प के द्वारा ऑब्‍जेक्‍ट को टैक्स्ट की लाईन साथ अरेंज किया जा सकता है।
    2. Square:- इस विकल्प के द्वारा ऑब्‍जेक्‍ट को टैक्स्ट के साथ एक स्क्वायर के रूप में अरेंज कर सकते है।
    3. Top and Bottom:- इस विकल्प के द्वारा ऑब्‍जेक्‍ट को टैक्स्ट लाईन के उपर अथवा नीचे अरेंज किया जा सकता है।
    4. Behind Text:- इस विकल्प के द्वारा ऑब्‍जेक्‍ट को टैक्स्ट के पीछे बेकग्राउंड में सेट किया जा सकता है।
    5. In Front of Text:- इस विकल्प के द्वारा ऑब्‍जेक्‍ट को टैक्स्ट के उपर सेट किया जा सकता है।
    6. Edit Wrap Points:- इसके द्वारा आप ऑब्‍जेक्‍ट के Wrap पोइंट को बदल सकते है।
    7. Move with Text:- यदि आप चाहते है कि टैक्स्ट जब जोडा जाए अथवा हटाया जाए तो ऑब्‍जेक्‍ट उसके अनुसार मूव करें तो इस विकल्प का चयन करे।
    8. Fix Position on Page:- इसके द्वारा आप ऑब्‍जेक्‍ट की पॉजिशन को फिक्स कर सकते है।
    9. More Layout Options:- इसके द्वारा आप ऑब्‍जेक्‍ट को टैक्स्ट के साथ Wrap करने के लिए ओर अधिक विकल्प प्राप्त कर सकते है।

3. Bring Forward:-

यदि आप अपनी वर्ड फाईल में एक से अधिक ऑब्‍जेक्‍ट का उपयोग करते है,

तो कई बार एक ऑब्‍जेक्‍ट दूसरे ऑब्‍जेक्‍ट के कुछ हिस्से के उपर या नीचे आ जाता है,

ऐसे में इस विकल्प के द्वारा आप सेट कर सकते है, कि कौन सा ऑब्‍जेक्‍ट उपर रहेगा।

4. Send Backward:-

यदि आप अपनी वर्ड फाईल में एक से अधिक ऑब्‍जेक्‍ट का उपयोग करते है,

तो कई बार एक ऑब्‍जेक्‍ट दूसरे ऑब्‍जेक्‍ट के कुछ हिस्से के उपर या नीचे आ जाता है,

ऐसे में इस विकल्प के द्वारा आप सेट कर सकते है, कि कौन सा ऑब्‍जेक्‍ट नीचे रहेगा।

5. Selection Pane:-

इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक साईड बार/पेन ओपन होगा, जिसमें आप अपनी फाईल में उपयोग किए गए सभी ऑब्‍जेक्‍ट की लिस्ट देख सकते है।

तथा यहां आपको दो विकल्प मिलते हैः-

    1. Hide All:- इस विकल्प पर क्लिक करके अपनी वर्ड फाईल के उपयोग किए गए सभी ऑब्‍जेक्‍ट को छिपा सकते है।
    2. Show All:- इस विकल्प पर क्लिक करके अपनी वर्ड फाईल के उपयोग किए गए सभी ऑब्‍जेक्‍ट को दिखा सकते है।

6. Align:-

इस विकल्प के द्वारा आप ऑब्‍जेक्‍ट को पेज पर Left, Center, Right, Top, Middle, Bottom अलाइन कर सकते है। इसमें इनके अलाव भी कुछ विकल्प होते हैः-

    1. Distribute Horizontally:- इस विकल्प के द्वारा ऑब्‍जेक्‍ट को पेज में होरिजोंटली मध्य में एलाइन कर सकते है।
    2. Distribute Vertically:- इस विकल्प के द्वारा ऑब्‍जेक्‍ट को पेज में वर्टिकली मध्य में एलाइन कर सकते है।
    3. Align To Page:- इस विकल्प के द्वारा ऑब्‍जेक्‍ट को पेज के सापेक्ष एलाइन कर सकते है।
    4. Align to Margin:- इस विकल्प के द्वारा ऑब्‍जेक्‍ट को मार्जिन के सापेक्ष एलाइन कर सकते है।
    5. View Gridlines:- इस विकल्प के द्वारा पेज की ग्रीड लाईन का दिखाया जा सकता है।
    6. Grid Settings:- इस विकल्प के द्वारा ग्रिड लाईन से संबंधित सेटिंग को बदला जा सकता है। जिनके द्वारा आप ग्रिड लाईन के बीच के स्पेस को कम ज्यादा कर सकते है।

7. Group:-

यदि आपकी फाईल में एक से अधिक शेप है, तथा आप चाहते है कि उनका एलाइनमेंट तथा अन्य सभी बदलाव एक साथ करें, तो इस विकल्प के द्वारा आप उन्हें ग्रुप कर सकते है।

ग्रुप करने के लिए आपको उन सभी शेप को सेलेक्ट करना होगा, जिन्हें ग्रुप करना है, इसके बाद इस विकल्प पर क्लिक करें।

8. Ungroup:-

इस विकल्प के द्वारा आप ग्रुप किए गए शेप को अनग्रुप कर सकते है।

9. Rotate:-

इस विकल्प के द्वारा आप स्मार्ट आर्ट को रोटेट (घुमा) कर सकते है।

MS Word Reference Menu की पूरी जानकारी।

MS Word Reference Menu विकल्प के द्वारा डॉक्‍यूमेंट में रिफरेंस दे सकते है। जैसे टेबल ऑफ कंटेंट, बुक रिफरेंस आदि

1. Table of Contents (MS Word Reference Menu Important):-

किसी भी डॉक्‍यूमेंट में टेबल ऑफ कंटेट डॉक्‍यूमेंट के विषय की संक्षिप्त जानकारी प्रदान करता है, साथ ही यह यूजर को नेवीगेट भी करता है, अर्थात जिस चेप्टर को देखना चाहते है, उसके नंबर पर क्लिक करके उस चेप्टर पर पहुंचा जा सकता है।

टेबल ऑफ कंटेंट के लिए डॉक्‍यूमेंट में हेडिंग डाली जाना चाहिए, चूंकि हेडिंग का टैक्स्ट ही टेबल ऑफ कंटेंट में दिखाई देता है। आप ‘‘होम‘‘ मेन्यू के ‘‘स्टाईल‘‘ विकल्प के द्वारा किसी भी टैक्स्ट या शब्द को हेडिंग बना सकते है। इसमें निम्न विकल्प होत हैः-

a. Built-In:-

इस विकल्प में पहले से बने हुए टेबल ऑफ कन्टेंट के स्टाईल उपलब्ध होते है, जिन पर क्लिक करके हम आसानी से इन्हें उपयोग कर सकते है।

b. Custom Table of Content:-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी आवश्यकतानुसार टेबल ऑफ कंटेंट बना सकते है।

c. Remove Table of Content:-

इस विकल्प के द्वारा आप टेबल ऑफ कंटेंट को फाईल से हटा सकते है।

d. Add Text:-

इस विकल्प के द्वारा आप किस हेडिंग को किसके अंतर्गत टेबल ऑफ कंटेंट में रखना है, यह सेट कर सकते है। इसमें टेक्स्ट तथा हेडिंग को लेवल दिया जा सकता है। जैसे यदि टेबल ऑफ कंटेंट में 1,2,3 बिंदु है, तब यह बिंदु लेवल 1 में होंगे। अब यदि एक जानकारी 1.1 है तो वह बिंदु 1 के सबलेवल अर्थात लेवल 2 में आएगा। इसी प्रकार 2.1 बिंदु 2 के सबलेवल या लेवल 2 में आएगा।

1. लेवल-1

                        1.1 लेवल-2

2.. लेवल-1

                        2.1 लेवल-2

                                    2.1.1 लेवल-3

  1. लेवल-1

e. Update Table:-

एक बार टेबल ऑफ कन्टेंट बनाने के बाद यदि आप अपने डॉक्‍यूमेंट में हेडिंग तथा डाटा डालते है, तो इस विकल्प के द्वारा आप उसे भी टेबल ऑफ कंटेट में जोड सकते है। आपको दोबारा टेबल ऑफ कंटेंट बनाने की आवश्यकता नहीं है।

Reference Menu Imaage

MS Word Reference Menu
2. Footnotes/Endnote:-

इस विकल्प के द्वारा आप हर पेज में फुटनोट तथा एंडनोट डाल सकते है, जिसके द्वारा हर पेज के डाटा हेतु आवश्यक जानकारी प्रदान की जा सकती है, जैसे ऑथर का नाम, दिनांक, डाटा का प्रकार आदि।

4. Research:-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में किसी टैक्स्ट हेतु आवश्यक इमेज, डेफिनेशन आदि को ऑनलाईन सर्च कर सकते है।  

5. Citations and Bibliography:-

यदि वर्ड फाईल के किसी सोर्स जैसे बुक, आर्टिकल, वेब पेज से कोई डेटा उपलब्ध कराया है, तो आप इस विकल्प के द्वारा उस टैक्स्ट में उस सोर्स का रेफरेंस दे सकते है।

6. Captions:-

यदि आप अपनी फाईल में कोई फाटो अथवा ऑब्‍जेक्‍ट   इन्सर्ट करते है, तो इस विकल्प के द्वारा उसे केप्शन दे सकते है, तथा इस केप्शन का उपयोग आप वर्ड फाईल में अन्य किसी भी जगह कर सकते है। जिससे उस स्थान पर एक लिंक बन जाता है, तथा आवश्यकता पडने पर उस लिंक पर क्लिक करके फाईल की उस फोटो अथवा ऑब्‍जेक्‍ट   पर पहुंचा जा सकता है। साथ ही आप अपनी वर्ड फाईल के एक हिस्से जैसे हेडिंग, पेराग्राफ को दूसरे हिस्से जैसे हेडिंग, पेराग्राफ से जोड सकते है, जिससे एक हिस्से से जोडे गए हिस्से पर सीधे ही पहुंचा जा सकता है। 

7. Index:-

इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल में इन्डेक्स का प्रयोग कर सकते है।

8. Table of Authorities:-

इस विकल्प के द्वारा आप अपने वर्ड फाईल में टैक्स्ट हेतु कुछ शब्दो में जानकारी दे सकते है

MS Word Mailing Menu की पूरी जानकारी।

कई बार आपको एक ही तरह के लेटर कई लोगो को बार-बार भेजने की आवश्यकता होती है,  तब हमें सभी के लिए अलग-अलग लेटर की आवश्यकता होती है, हर बार लोगो का नाम व एड्रेस डालना होता है। इस स्थिति में MS Word Mailing Menuबहुत महत्वपूर्ण टूल का कार्य करते है।

इसके द्वारा आप कई लोगो के लिए लेटर एक साथ बना सकते है, साथ ही आप उन्हें एक साथ ई-मेल भी कर सकते है। तथा लोगो के नाम-पते की लिस्ट बना सकते है, जिससे आप बार-बार उपयोग कर सकते है, आपको बार-बार नाम-पते लिखने की आवश्यकता नहीं होती। 

इसके साथ ही आप लेटर हेतु एनवलप भी बना सकते है।

A. Create (MS Word Mailing Menu):-

इस विकल्प के द्वारा आप लेटर हेतु एन्वलप तथा लेबर बना सकते है। इसमें दो विकल्प होते हैः-

    1. Envelopes:- इसके द्वारा आप एन्वलप प्रिंट कर सकते है, जिसमें आप पता एवं अन्य जो प्रिंट करना चाहते है, उसे टाईप कर सकते है।
    2. Labels:- इसके द्वारा आप लेबल प्रिंट कर सकते है, जिसमें आप अपनी आवश्यकतानुसार लेबर टाईप करके प्रिंट कर सकते है।

B. Start Mail Merge :-

इस विकल्प के माध्यम से आप मेल-मर्ज की प्रक्रिया को शुरू कर सकते है।

MS Word Mailing Menu की Image:-

MS Word Mailing Menu
C. Select Recipients:-

इस विकल्प के माध्यम से आपको जिन लोगो को लेटर भेजना है, उनका नाम-पता आदि जानकारी की लिस्ट बनानी होती है। जो आप बार-बार उपयोग कर सकते है, तथा बार-बार लोगो के नाम-पते की जानकारी टाईप करने की आवश्यकतान नहीं होती है।

इसके Use Existing विकल्प से आप पहले से बनी हुई लिस्ट का भी उपयोग कर सकते है।

इस लिस्ट में निम्नलिखित जानकारी सेव कर सकते हैः-

Title, First Name, Last Name, Company Name, Address, City, State, ZIP Code, Country or Region, Mobile/Phone Number, Email Address

D. Edit Recipient List:-

इस विकल्प के द्वारा आप बनाई गई लिस्ट को एडिट कर सकते है। इसमें आपको कुछ विकल्प मिलते हैः-

    1. Sort:- इसके द्वारा लिस्ट की एंट्री को सोर्ट कर सकते है।
    2. Filter:- इसके द्वारा लिस्ट की एंट्री में से अपनी आवश्यकतानुसार एंट्री को फिल्टर कर सकते है।
    3. Find Duplicates:- इस विकल्प के माध्यम से लिस्ट में डुप्लीकेट एंट्री को ढूंढा जा सकता है।
    4. Find Recipient:- इस विकल्प के द्वारा हम लिस्ट में किसी व्यक्ति का नाम पता ढूंढ सकते है, यदि लिस्ट में ज्यादा एंट्री हो तो यह विकल्प मददगार होता है।
    5. Validation addresses:- इसके द्वारा एड्रेस को वेलीडेट किया जा सकता है, ताकि एंट्री करते समय सही शब्द ही टाईप किया जाए।

E. Write & Insert Field :-

इस विकल्प के द्वारा आप मेल-मर्च प्रक्रिया में लेटर में रेसिपियंट लिस्ट से अपनी आवश्यकतानुसार फिल्ड को एड कर सकते है, लेटर हेतु ग्रिटिंग लाईन बना सकते है। साथ ही एड्रेस ब्लॉक कैसा दिखेगा यह भी सैट कर सकते है। इसमें निम्न आवश्यक विकल्प होते हैः-

    1. Highlight Merge Fields:- इसके द्वारा लेटर में इन्सर्ट की गई फील्ड को हाइलाईट किया जा सकता है।
    2. Address Block:- इसके द्वारा एड्रेस ब्‍लॉक को अपनी आवश्यकतानुसार बदला जा सकता है।
    3. Greeting Line:- इसके द्वारा लेटर में ग्रिटिंग लाईन को एडिट किया जा सकता है।
    4. Insert Merge Field:- इस विकल्प के द्वारा अपनी आवश्यकतानुसार एड्रेस लिस्ट से फील्ड को एड कर सकते है।

F. Previews Results:-

मेल-मर्ज की प्रक्रिया में इस विकल्प के माध्यम से रिजल्ड का प्रिव्यू देखा जा सकता है।

G. Finish:-

इस विकल्प के द्वारा मेल-मर्ज के अंतिम चरण की प्रक्रिया की जाती है। इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

    1. Edit Individual Document:- इसके द्वारा हर व्यक्ति के लिए लेटर को में आवश्यक बदलाव किए जा सकते है।
    2. Print Documents:- इस विकल्प के द्वारा तैयार किए गए लेटरो को प्रिंट किया जा सकता है।

H. Send Email Messages:-

 इसके द्वारा बनाए गए लेटरों को सीधे ईमेल कर सकते है।

MS Word Review Menu की पूरी जानकारी।

MS Word Review Menu विकल्प के द्वारा अपने वर्ड डॉक्‍यूमेंट में सुझाव एवं करेक्शन, डाटा का दूसरी भाषा में ट्रांसलेशन आदि कार्य किए जा सकते है।

साथ ही इसके द्वारा एम.एस. वर्ड के विकल्पों की भाषा को भी बदला जा सकता है। इसमें निम्न विकल्प हैः-

1. Proofing (MS Word Review Menu Important):-

इस विकल्प के लिए निम्न विकल्प उपलब्ध होते हैः-

a. Check Document:-

इस विकल्प के द्वारा आप पूरे डॉक्‍यूमेंट को में स्पेलिंग तथा ग्रामर को चेक कर सकते है।

b. Thesaurus:-

इस विकल्प के द्वारा डॉक्‍यूमेंट में उपयोग किए गए शब्दों के समानार्थी एवं रिलेटिव शब्दो की लिस्ट प्राप्त की जा सकती है, जिससे उन्हें डॉक्‍यूमेंट में उपयोग किया जा सकता है।

c. Word Count:-

इस विकल्प के द्वारा वर्ड डॉक्‍यूमेंट के वर्ड, केरेक्टर, लाईन, पैराग्राफ, पेज, स्पेस आदि को काउंट किया जा सकता है।

2. Speech/Read Aloud:-

यह विकल्प बहुत ही महत्वपूर्ण है। इस विकलप पर क्लिक करने पर आप स्पीकर के माध्यम से अपनी फाईल के डेटा को सुन सकते है, जिसमें कम्प्यूटर खुद आपके डेटा को रीड करता है।

MS Word Review Menu की image:-

MS Word Review Menu
3. Accessibility/Check Accessibility:-

इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल की एक्सेसिबिलिटी को चेक कर सकते हैः-

a. Check Accessibility:-

इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक साइड बार/पेन ओपन होगा, जिसमें आपके डॉक्‍यूमेंट की त्रूटियां तथा उनके लिए सुझाव दिए होते है, जिन्हें आप ठीक कर सकते है।

b. Alt Text:-

इस विकल्प के द्वारा आप किसी ऑब्‍जेक्‍ट   के लिए अल्ट टैक्स्ट डाल सकते है।

c. Navigation Pane:-

इस विकल्प के द्वारा नेविगेशन हेतु पेन/साइड बार को ओपन किया जा सकता है।

d. Focus:-

इस विकल्प के द्वारा मुख्य डॉक्‍यूमेंट पर फोकस किया जा सकता है। इसके द्वारा डार्क मोड का उपयोग किया जा सकता है।

e. Options Ease of Access:-

इस विकल्प को क्लिक करने पर एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स  ओपन होगा, इसमे आप वर्ड फाईल को एडिट करने, विभिन्न टूल्स को शो तथा हाइड करने संबंधी कार्य कर सकते है।

4. Language (MS Word Review Menu Important):-

इस विकल्प के लिए निम्न विकल्प उपलब्ध होते हैः-

a. Translate:-

इस विकल्प के द्वारा आप अपने डॉक्‍यूमेंट के किसी सेलेक्ट किए गए टेक्स्ट अथवा पूरे डॉक्‍यूमेंट को किसी दूसरी भाषा में ट्रंसलेट कर सकते है। इस विकल्प के उपयोग के लिए आपको इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है।

b. Language:-

न्यतः वर्ड फाईल को ओपन करने पर दिखाई देने वाले सभी मेन्यू, टूल एवं अन्य चीजे अंग्रेजी भाषा में होती है। इस विकल्प के माध्यम से आप किसी दूसरी भाषा को बदल सकते है। जैसे आप सारे विकल्पो को हिन्दी में दिखा सकते है।

5. Comments:-

  1. New Comment:- इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में कमेंट डाल सकते है।
  2. Delete Comment:- इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में कमेंट डेलेट कर सकते है।
  3. Previous Comment:- इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल वर्तमान कमेंट से पिछले कमेंट पर जा सकते है।
  4. Next Comment:- इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल वर्तमान कमेंट से अगले कमेंट पर जा सकते है।
  5. Show/Hide Comments:- इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल में कमेंट को शो तथा हाइड कर सकते है।

6. Tracking:-

इस विकल्प का उपयोग तब होता है, जब आप आप अपने वर्ड फाईल का रिव्यू अर्थात चेकिंग करते है। इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में आवश्यक चेंज कर उसे सेव करके रख सकते है। तथा इस विकल्प के द्वारा आपकी फाईल को किसी दूसरे व्यक्ति से भी रिव्यू करवा सकते है। तथा उनके द्वारा इस विकल्प के द्वारा आवश्यक सुधार को सेव कर सकते है। इसमें आपको ट्रेकिंग को पासवर्ड से प्रोटेक्ट करने की सुविधा भी मिलती है, जिससे कोई व्यक्ति आपकी फाईल में बनाए गए ट्रेक को चेंज नहीं कर सकता है।

7. Changes:-

यदि आपने अपनी फाईल में ट्रेकिंग विकल्प द्वारा ट्रेक को इन्सर्ट किया है, तथा उसी क्रम में अपने डॉक्‍यूमेंट में यदि कुछ सुधार कर उसे मार्क किया है तो इस विकल्प के द्वारा आप किए गए सुधार को एक्सेप्ट या रिजेक्ट किया जा सकता है। साथ ही एक से दूसरे बदलाव/मार्क पर जाया जा सकता है।

8. Compare:-

इस विकल्प के द्वारा यदि आपने एक ही डॉक्‍यूमेंट की दो कॉपी बनाई है, तथा किसी एक कॉपी में बदलाव किया है तो आप दोनो कॉपी को कम्पेयर कर सकते है। साथ ही दोनो फाईलो को मिलाकर एक नई फाईल बना सकते है।

9. Protect :-

इस विकल्प के द्वारा आप फाईल में एडिटिंग को रेस्ट्रिक्ट/प्रोटेक्ट कर अनचाहे बदलावों को रोक सकते है।

 

10. Hide Ink:-

इस विकल्प के द्वारा आप डॉक्‍यूमेंट में उपयोग किए गए इंक का हाइड कर सकते है।

 

11. CV Assistant:-

इस विकल्प के द्वारा आप ऑनलाईन की मदद से अपने सी.सी. में आवश्यक सुधार कर सकते ह

MS Word View Menu की पूरी जानकारी।

MS Word View Menu के द्वारा आप वर्ड फाईल पर कार्य करते समय विभिन्न प्रकार के व्यू का उपयोग कर सकते है।

साथ ही इसमें आपको एक वर्ड फाईल में दूसरी वर्ड फाईल से लिंक करने का विकल्‍प भी मिलता है, व उसके डाटा को भी उपयोग कर सकते है।

इसमें निम्नलिखित विकल्प मिलते हैः-

1. Views (MS Word View Menu) :-

इस विकल्प के अंतर्गत वर्ड फाईल के व्यू को बदला जा सकता है, इसमें निम्न प्रकार के व्यू उपलब्ध हैः-

a. Read Mode:-

इस विकल्प पर आप वर्ड फाईल को स्लाईड शो के रूप में देख सकते है। जिसमें पूरी स्क्रीन पर एक मेन्यू बार तथा एक पेज दिखाई देता है,

तथा एक पेज से दूसरे पेज पर जाने के लिए नेविगेशन बटन दिए जाते है।

इस व्यू का उपयोग वर्ड फाईल को पढने के लिए किया जाता है।

b. Print Layout:-

यह वर्ड फाईल का डिफाल्ट लेआउट है, जैसे ही आप कोई वर्ड फाईल ओपन करते है, तब वह इसी व्यू में खुलती है।

इस व्यू में वर्ड फाईल में कार्य करने हेतु सुविधाजनक ले-आउट उपलब्ध होता है,

जिसमें फाईल के डाटा पर की जाने वाली पूरी प्रक्रियाओं के लिए टूल आसानी से उपलब्ध होते है।

c. Web Layout:-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल को एक वेब पेज के व्यू में देख सकते है।

यदि आप वर्ड फाईल में कोई वेब पेज बना रहे है तो इस व्यू के द्वारा आप देख सकते है कि वह कैसे दिखेगा।

d. Draft:-

इस व्यू में आप वर्ड फाईल को वेब ले-आउट की तरह देख सकते है, इसमें अंतर इतना है,

कि इसमें अलग-अलग पेजों के बीच में पेज को अलग करने हेतु एक डिवाइड लाईन दिखाई देती है।

e. Outline:-

यह विकल्प वर्ड फाईल के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। जिसमें आप वर्ड फाईल के डाटा में लेवल्स डाल सकते है,

साथ ही आप डॉक्‍यूमेंट के अंदर सबडॉक्‍यूमेंट बना सकते है अर्थात एक फाईल के डेटा को दूसरी फाईल में उपयोग कर सकते है, इसमें निम्नलिखित विकल्प उपलब्ध है।

MS Word View Menu की image:-

view menu
i. Outline Tools:-

इस विकल्प के द्वारा डाटा में लेवल बना सकते है, इसमें निम्न विकल्प होते हैः-

    1. Levels and Body Text:- इस विकल्प के द्वारा आप टैक्स्ट में लेवल बना सकते है, साथ ही इसमें आपको एरो बटन भी मिलते है, जिसके द्वारा टैक्स्ट को उपर-नीचे ला सकते है तथा लेवल के डाटा को शो तथा हाइड कर सकते है।
    2. Show Level:- इस विकल्प के द्वारा आप पूरी फाईल में कौन सा लेवल दिखाना चाहते है तथा कौन सा लेवल हाइड करना चाहते है, इसे सेट किया जा सकता है।
    3. Show Text Formatting:- इस विकल्प के चेक बॉक्‍स पर चेक करने पर आप डेटा पर की गई फार्मेटिंग को शो अथवा हाइड कर सकते है।
    4. Shwo First Line Only:- यदि टैक्स्ट के पेराग्राफ में एक से अधिक लाईन है तो आप इस विकल्प के चेक बॉक्‍स पर चेक करने पर आप पेराग्राफ की केवल एक लाईन का शो कर सकते है, तथा शेष लाइनों को हाइड कर सकते है।

ii. Master Document:-

इस विकल्प के द्वारा आप एक डॉक्‍यूमेंट में दूसरे डॉक्‍यूमेंट को सब डॉक्‍यूमेंट की तरह एड कर सकते है।

तथा उसमें बदलाव भी कर सकते हैः-

1. Show Document:-

इस विकल्प के द्वारा वर्ड फाईल में एड किए गए सब डॉक्‍यूमेंट को शो कर सकते है,

तथा साथ ही इस विकल्प पर क्लिक करने पर निम्न विकल्प दिखाई देते हैः-

    1. Create:- इस विकल्प के द्वारा नया सब डॉक्‍यूमेंट बनाया जा सकता है, जो कर्सर की वर्तमान स्थिति पर एड भी हो जाता है।
    2. Insert:- इस विकल्प के द्वारा आप अपने कम्प्यूटर/ लेपटॉप में सेव किसी फाईल केा अथवा उसके डेटा को कर्सर की वर्तमान स्थिति पर एड कर सकते है।
    3. Unlink:- इस विकल्प पर क्लिक करने पर एड की गई फाईल की मैन कॉपी से सब डॉक्‍यूमेंट का लिंक खत्म हो जाता है, तथा उसका डाटा वर्तमान फाईल में कॉपी हो जाता है।
    4. Merge:- यदि आपकी वर्ड फाईल में एक से अधिक सब डॉक्‍यूमेंट एड है तो उन्हें मर्ज किया जा सकता है।
    5. Split:- इस विकल्प के द्वारा सब डॉक्‍यूमेंट के डेटो को स्प्लीट किया जा सकता है, अर्थात कर्सर की वर्तमान स्थिति के बाद वाले डेटा को एक अलग सब डॉक्‍यूमेंट में स्प्लीट किया जा सकता है।
    6. Lock Document:- इस विकल्प पर क्लिक करने पर सब डॉक्‍यूमेंट लॉक हो जाता है, तथा लिंक फाईल को ओपन करके उसमें बदलाव करने पर सब डॉक्‍यूमेंट में बदलाव नहीं होता तथा सब डॉक्‍यूमेंट में बदलाव करने पर लिंक फाईल में बदलाव नहीं होता है।

नोटः– यदि इस विकल्प पर क्लिक  करें तो सब डॉक्‍यूमेंट में बदलाव करने पर लिंक फाईल में अपने आप बदलाव हो जाता है,

इसी प्रकार लिंक फाईल में बदलाव करने पर सब डॉक्‍यूमेंट में अपने आप बदलाव हो जाता है।

2. Collapse/Expand Subdocument:-

इस विकल्प पर क्लिक करने पर ओपन/एक्सपेंड सब डॉक्‍यूमेंट को कोलेप्स कर सकते है अर्थात एक बंद करके एक लिंक के रूप मे दिखा सकते है,

तथा पुनः क्लिक करके बंद/कोलेप्स सब डॉक्‍यूमेंट को एक्सपेंड कर सकते है।

iii. Close Outline View:-

  1. इस विकल्प के द्वारा आउटलाईन व्यू को क्लोज किया जा सकता है।

2. Immersive:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में डार्कमोड का उपयोग कर सकते है,

तथा फाईल को अलग-अलग प्रकार से व्यू करके रीड कर सकते हैः-

a. Focus:-

इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल में फोकस हेतु डार्क मोड का उपयोग कर सकते है।

b. Immersive Reader:-

  1. इस विकल्प में आपको वर्ड फाईल के डाटा को रीड करने के लि विभिन्न विकल्प उपलब्ध होते हैः-
    1. Column Width:- इस विकल्प के द्वारा रीड करने हेतु दिखाई देने वाले कॉलम की चौडाई को बदल सकते है।
    2. Page Color:- इस विकल्प के द्वारा रीड करने के लिए पेज कलर को बदला जा सकता है।
    3. Line Focus:- इस विकल्प के द्वारा आप रीड करते समय केवल कुछ लाईनों पर फोकस कर सकते है। इस विकल्प का उपयोग करने पर जितनी लाईनों पर फोकस किया जाता है, वे लाईने दिखाई देती है, तथा शेष उपर-नीचे की लाईने ब्लेक कलर से ढक जाती है।
    4. Text Spacing:- इस विकल्प के द्वारा रीड करने के लिए टैक्स्ट के बीच के स्पेस को बदला जा सकता है।
    5. Syllables:- इसके द्वारा टैक्स्ट के बीच सिलेबस ‘‘.‘‘ का उपयोग किया जा सकता है।
    6. Read Aloud:- ; यह विकल्प बहुत ही महत्वपूर्ण है।

                               इस विकल्‍प पर क्लिक करने पर आप स्पीकर के माध्यम से अपनी फाईल के डेटा को सुन सकते है, जिसमें कम्प्यूटर खुद आपके डेटा को रीड करता है।

c. Close Immersive Reader:-

इस विकल्प के द्वारा इमर्सिव रीडर विकल्प को बंद कर सकते है।

3. Page Movement:-

इसके द्वारा एक पेज से दूसरे पेज पर स्क्रॉल करने के व्यू को बदला जा सकता हैः-

a. Vertical:-

यह वर्ड फाईल का डिफाल्ट व्यू होता है। इसमें पेज उपर से नीचे व नीचे से उपर की ओर स्क्राल होता है।

b. Side to side:-

इस विकल्प पर को चुनने पर पेज दांए से बाएं तथा बाएं से दांए की ओर स्क्राल होता है।

इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया विकल्प भी मिलता हैः-

    1. Thumbnails:- इस विकल्प के द्वारा आप वर्ड फाईल के सभी पेजों को थम्बनेल के रूप में देख सकते है अर्थात एक साथ कई पेजों को देख सकते है।

4. Show (MS Word View Menu):-

इस विकल्‍प में आपको निम्‍न विकल्‍प मिलते है:-

a. Ruler:-

इस विकल्प के चेक बॉक्‍स  को चेक करनें पर आप उपर तथा बांयी ओर दिखने वाले स्केल अर्थात रूलर को शो तथा हाइड कर सकते है।

b. Gridlines:-

इस विकल्प के चेक बॉक्‍स  को चेक करके आप पेज पर ग्रिडलाईन अर्थात आडी-खडी लाईनो को शो तथा हाइड कर सकते है।

c. Navigation Pane:-

इस विकल्प के चेक बॉक्‍स  को चेक करनें पर पेज के साइड में साइड बार अथवा नेवीगेशन पेन को शो तथा हाइड कर सकते है।

5. Zoom (MS Word View Menu):-

  1. Zoom:- इस विकल्प के द्वारा आप पेज को जूम कर सकते है।
  2. 100%:- इस विकल्प के द्वारा आप पेज को 100 प्रतिशत जूम कर सकते है।
  3. One Page:- इस विकल्प पर क्लिक करके स्क्रीन पर एक पेज देख सकते है।
  4. Multiple Pages:- इस विकल्प पर क्लिक करकें मल्टीपल पेज देख सकते है।
  5. Page Width:- इस विकल्प के द्वारा पेज अपनी वास्तविक विड्थ में आ जाता है।

6. Window:-

  1. New Window:- इस विकल्प के द्वारा पेज को एक नई विंडो में ओपन कर सकते है।
  2. Arrange All:- यदि कम्पयूटर में एक से अधिक विंडो खुली है तो इस विकल्प के द्वारा सभी को विंडो को साथ में अरेंज कर सकते है। जिससे सभी को आसानी से देखा जा सके।
  3. Split:- इस विकल्प के के द्वारा एक ही स्क्रीन पर दो या अधिक फाईलों को वर्टिकली स्प्लीट कर साथ-साथ देखा जा सकता है।
  4. View Side by side:- इस विकल्प के द्वारा एक ही स्क्रीन पर दो वर्ड फाईलों को एक दूसरे के बगल में देख सके है।
    1. Synchronous Scrolling:- इस विकल्प के द्वारा स्प्लीट की गई फाईलों के पेजों को एक साथ स्क्राल कर सकते है।
    2. Reset Window Position:- इस विकल्प के द्वारा आप लेफ्ट साइड की फाईल को राईड साइड तथा राईड साईड की फाईल को लेफ्ट साइड में पोजिशन कर सकते है।
  5. Switch Windows:- यदि एक से अधिक वर्ड फाईल खुली है तो इस विकल्प के द्वारा आप एक फाईल से दूसरी फाईल पर स्वीच कर सकते है अर्थात एक फाईल से दूसरी फाईल पर जा सकते है।

7. Macros (MS Word View Menu):-

यइ विकल्प वर्ड फाईल में किए गए बदलाव की प्रक्रियाओं को रिकार्ड करने के लिए किया जाता है।

जिसे आप फिरसे किसी अन्य टैक्स्ट अथवा ऑब्‍जेक्‍ट पर उपयोग कर सकते है।

8. SharePoint/Properties

इस विकल्प पर क्लिक करने पर एक नया डॉयलॉग बॉक्‍स  ओपन होता है, जिसमें निम्न विकल्प होते हैः-

a. Protect Document :-

इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल को सुरक्षित रखने के लिए पासवर्ड लगा सकते है,

ताकि आपकी फाईल सुरक्षित रहे। इस विकल्प में आपको निम्न विकल्प मिलेंगे:-

    1. Always Open Read-Only :- इस विकल्प के द्वारा आप अपनी फाईल को Read-Only बना सकते है, ताकि फाईल में कोई बदलाव न किया जा सके।
    2. Encrypt with Password :- इसके द्वारा आप अपनी फाईल में पासवर्ड डाल सकते है।
    3. Restrict Editing :- इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में एडिटिंग को रेस्ट्रिक्ट कर सकते है।
    4. Add a Digital Signature :- इस विकल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में डिजीटल सिग्नेचर को जोड सकते है।
    5. Mark as Final :- इस विकल्प के द्वारा आप अपनी फाईल को फाईनल के रूप में मार्क कर सकते है।

b. Inspect Document :-

इस विकल्ल्प के द्वारा आप अपनी वर्ड फाईल में कोई त्रूटि हो तो उसका पता लगा सकते है।

c. Manage Document :-

यदि आपकी फाईल किसी कारण से करप्ट हो गई है अथवा किसी कारण से बिना सेव किए रह गई है,

तो इस विकल्प के द्वारा फाईल रिकवर की जा सकती है।

d. Slow and Disabled COM Add-ins :-

यदि आपने अपनी फाईल में कोई एड-इन्स लगाए है, तो यह उनकी जानकारी प्रदान करता है।

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